बुलडोजर के सामने टूटी उम्मीदें, मेरठ मार्केट में रोते दिखे लोग

मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को आवास एवं विकास परिषद की ओर से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में हुई इस कार्रवाई के दौरान छह संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया। अभियान के दौरान इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। कार्रवाई देखने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर जमा रहे, वहीं कई लोग अपने प्रतिष्ठानों और निर्माण को टूटता देखकर भावुक नजर आए। सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही सेंट्रल मार्केट और गुरुद्वारा रोड की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आम लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई। इसके बाद मशीनों की मदद से चिन्हित निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

छह संपत्तियां ध्वस्तीकरण की जद में

कार्रवाई में सेंट्रल मार्केट और आसपास की छह संपत्तियां शामिल रहीं। इनमें पांच व्यावसायिक परिसर बताए गए हैं, जबकि शास्त्रीनगर सेक्टर-3 स्थित एक स्कूल भवन भी कार्रवाई के दायरे में रहा। कई स्थानों पर भवनों के बाहरी हिस्से, छज्जे और अन्य निर्माण हटाए गए। कुछ हिस्सों को मशीनों से पूरी तरह गिराया गया।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का असर करीब 35 दुकानों से जुड़े निर्माण पर भी पड़ा। जिन दुकानों और परिसरों पर कार्रवाई हुई, वहां पहले से ही सामान हटाने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई थीं।

बुलडोजर चलता देख भावुक हुए लोग

कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद कई लोग अपने सामने निर्माण टूटता देखकर भावुक हो गए। कुछ लोगों की आंखों में आंसू दिखाई दिए। प्रभावित दुकानदारों और संपत्ति से जुड़े लोगों में कार्रवाई को लेकर चिंता भी नजर आई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था।

वहीं, कार्रवाई के विरोध में कुछ लोगों ने अपनी आपत्ति भी जताई। अधिकारियों ने उन्हें संबंधित आदेश और निर्धारित प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण अभियान आगे बढ़ाया गया।

बिजली आपूर्ति भी रही प्रभावित

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद की गई। इसके कारण आसपास के कई सेक्टर प्रभावित हुए। बिजली बंद रहने से पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा। बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंध के चलते स्थानीय लोगों तथा स्कूली बच्चों को भी आवागमन में परेशानी हुई।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

सेंट्रल मार्केट का मामला आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक इस्तेमाल और निर्माण से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को 44 संपत्तियों से संबंधित आदेश दिया था। इन संपत्तियों को लेकर व्यावसायिक उपयोग और निर्माण से जुड़े मामले सामने आए थे।आवास एवं विकास परिषद की ओर से संबंधित संपत्ति मालिकों को निर्माण हटाने के लिए नोटिस दिए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई नहीं होने के बाद परिषद ने चिन्हित संपत्तियों पर खुद ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया।

अगली सुनवाई 21 सितंबर को

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट भी पेश की जानी है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित बताई गई है। ऐसे में मेरठ सेंट्रल मार्केट में हुई कार्रवाई को अदालत के आदेश के अनुपालन से जोड़कर देखा जा रहा है।

ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया। अभियान पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारी कार्रवाई की रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दस्तावेज तैयार करेंगे।

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