अजय राय हिरासत में, विनोद साहनी केस पर सियासत तेज

बाराबंकी/गोंडा। गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की मौत के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने बाराबंकी के मसौली टोल प्लाजा के पास रोक लिया। पुलिस के साथ बहस के बाद अजय राय और कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लेकर मसौली थाने ले जाया गया।

अजय राय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ विनोद साहनी के परिवार से मुलाकात करने गोंडा जा रहे थे। पुलिस ने गोंडा जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। मसौली टोल के पास पुलिस ने उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच काफी देर तक बहस हुई, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोक रही है। पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अजय राय केवल परिवार से संवेदना व्यक्त करने और मामले की जानकारी लेने जा रहे थे।

क्या है विनोद साहनी मामला?

गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव निवासी करीब 45 वर्षीय विनोद साहनी बर्तन का कारोबार करते थे। बुधवार रात दुकान बंद कर घर लौटते समय रास्ते में उनके साथ मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल विनोद को इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया और बाद में लखनऊ के KGMU में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस ने मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

मामले में पुलिस ने शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस की लापरवाही के आरोपों के बाद थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और एक कांस्टेबल समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। शुरुआती आरोपों में गोली और धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम में गोली या धारदार हथियार की चोट नहीं मिली। पुलिस ने मौत की वजह गंभीर चोटों को बताया है।

संजय निषाद से लेकर विपक्ष तक ने उठाई आवाज

विनोद साहनी की मौत के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी मामले को लेकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पुलिस की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा है। विपक्ष की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।

अब अजय राय को गोंडा जाने से रोके जाने के बाद मामला और राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि आखिर विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेताओं को रोका गया।

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