68,500 शिक्षक भर्ती पर बवाल, केशव मौर्य के घर पहुंचे अभ्यर्थी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर गरमा गया है। वर्ष 2018 की इस भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला लंबे समय से लंबित है। अभ्यर्थी आरक्षण व्यवस्था में सामने आई कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक आरक्षण संबंधी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक कई अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है, अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों का पालन किए जाने की भी मांग की। उनका कहना है कि आयोग की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधार किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस मामले में जल्द फैसला लेने की अपील की।

डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे वार्ता कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि वे अपनी समस्याओं और भर्ती से जुड़े सभी पहलुओं को मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं, ताकि लंबे समय से चल रहे विवाद का स्थायी समाधान निकल सके, अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन भर्ती से जुड़ी आरक्षण विसंगतियों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की समीक्षा कर पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती की आरक्षण विसंगति दूर करना, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन करना और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता कराने की मांग भी दोहराई।

लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर 68,500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा चर्चा में आ गया है। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

Related Articles

Back to top button