पाक आर्मी को अमेरिकी ड्रोन कंपनी का साथ, हुआ MoU

नईदिल्ली। पाकिस्तान की सेना और अमेरिकी ड्रोन कंपनी Powerus के बीच एक समझौता हुआ है। कंपनी ने पाकिस्तान आर्मी के साथ ड्रोन से जुड़ी तकनीक और प्रणालियों को लेकर MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही कंपनी को शुरुआती ऑर्डर भी मिला है। हालांकि, ऑर्डर की कीमत, ड्रोन की संख्या और अन्य व्यावसायिक शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है। Powerus के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच के मुताबिक, यह समझौता Unmanned Aerial Systems (UAS) से संबंधित है। कंपनी सैन्य और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए हवाई और समुद्री ड्रोन सिस्टम विकसित करती है। Powerus की एक टीम ने 16 सितंबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर से मुलाकात भी की थी, पाकिस्तान की सेना की ओर से जारी जानकारी में इस बैठक के दौरान रक्षा खरीद, उत्पादन क्षमता और भविष्य में तकनीकी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की बात कही गई। हालांकि, सेना के आधिकारिक बयान में Powerus के साथ हुए MoU या शुरुआती ऑर्डर का उल्लेख नहीं किया गया।

ट्रंप के बेटों से जुड़ा है कंपनी का नाम

इस सौदे की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि Powerus का नाम एक प्रस्तावित कॉर्पोरेट मर्जर के जरिए डोनाल्ड ट्रंप के बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप से जुड़ रहा है। Powerus के Aureus Greenway Holdings के साथ विलय की योजना है, जिसके अक्टूबर की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद बताई गई है। उपलब्ध फाइलिंग के अनुसार, ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप की हिस्सेदारी American Ventures के जरिए Aureus से जुड़ी है।

हालांकि, Powerus और ट्रंप परिवार के प्रतिनिधियों ने कंपनी के संचालन या पाकिस्तान के साथ इस समझौते की बातचीत में ट्रंप के बेटों की भूमिका से इनकार किया है। ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने भी कहा कि उन्हें इस सौदे की जानकारी या इसमें कोई पूर्व भागीदारी नहीं थी। व्हाइट हाउस ने भी किसी हितों के टकराव की बात से इनकार किया है।

पाकिस्तान में मैन्युफैक्चरिंग की भी संभावना

Powerus पाकिस्तान के साथ आगे तकनीकी सहयोग और संभावित टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में भी संभावनाएं तलाश रही है। ऐसे में मौजूदा MoU को केवल ड्रोन खरीद तक सीमित न मानकर भविष्य में उत्पादन और तकनीकी क्षमता निर्माण से जुड़े सहयोग की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस दिशा में अंतिम समझौते और निवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Related Articles

Back to top button