मिशन 2027 लखनऊ में BJP-RSS की अहम बैठक, बनी रणनीति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को लखनऊ में RSS और BJP की अहम समन्वय बैठक हुई। कानपुर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित बैठक में संगठन की जमीनी स्थिति, सरकार के कामकाज, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और आगामी चुनाव से पहले जनसंपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, BJP के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार, BJP प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस संगठन और संघ के बीच बेहतर तालमेल के साथ-साथ बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने पर रहा।

थाने, तहसील और ब्लॉक स्तर की शिकायतें उठीं

बैठक के दौरान जमीनी स्तर से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासन से जुड़ी अपनी समस्याएं वरिष्ठ नेताओं के सामने रखीं। रिपोर्टों के मुताबिक, थाने, तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिकायतों की सुनवाई नहीं होने का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर उनकी बात जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने में भी दिक्कतें आती हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं की बात सुनी और इन समस्याओं को उचित स्तर पर उठाने की बात कही। साथ ही उन्हें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर संगठनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देने और चुनाव से पहले बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

विपक्ष के मुद्दों में उलझने के बजाय अपना एजेंडा रखने पर जोर

बैठक में राजनीतिक मुद्दों को लेकर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों से कहा गया कि वे विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर लगातार प्रतिक्रिया देने के बजाय संगठन और सरकार से जुड़े कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर ज्यादा ध्यान दें। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सीधे संवाद बढ़ाने और सरकार की योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम करने को कहा गया।

रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में UGC नियमों और जातिगत मुद्दों जैसे विषयों से जुड़े राजनीतिक विमर्श पर भी चर्चा हुई। नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को ऐसे मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय संगठनात्मक काम और जनसंपर्क को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी

2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए BJP के लिए बूथ स्तर की सक्रियता महत्वपूर्ण एजेंडा बनी हुई है। समन्वय बैठक में संगठन की जमीनी पकड़, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संघ-BJP के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। साथ ही आने वाले समय में दोनों संगठनों की ओर से किए जाने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली गई। बैठक को उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले BJP और RSS की व्यापक संगठनात्मक कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले BJP के वरिष्ठ नेता बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के स्तर पर भी संगठनात्मक तैयारियों और आगामी चुनाव को लेकर नेताओं से फीडबैक लिया गया है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए भी जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी

BJP ने 17 सितंबर से उत्तर प्रदेश में एक महीने के ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जनसंपर्क, सेवा गतिविधियों और सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों तक पहुंच बनाने की गतिविधियां प्रस्तावित हैं। ऐसे में RSS-BJP की समन्वय बैठक को भी आने वाले महीनों में संगठन की जमीनी सक्रियता बढ़ाने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।

दूसरे क्षेत्रों में भी होंगी समन्वय बैठकें

लखनऊ की बैठक के बाद प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी RSS और BJP के बीच समन्वय बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार काशी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत अन्य क्षेत्रों में भी संगठनात्मक तैयारियों और जमीनी फीडबैक पर चर्चा की जा सकती है।

इस तरह 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले BJP और RSS की गतिविधियां प्रदेश स्तर पर संगठन, जनसंपर्क और बूथ प्रबंधन को केंद्र में रखकर आगे बढ़ती दिखाई दे रही हैं। आने वाले दिनों में इन बैठकों से निकलने वाले सुझावों के आधार पर क्षेत्रवार संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

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