
लखनऊ। बारिश और लगातार बनी उमस के बीच राजधानी लखनऊ में मौसमी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर के प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या करीब 50 फीसदी तक बढ़ गई है। बलरामपुर, सिविल, KGMU, लोहिया और लोकबंधु अस्पतालों में रोजाना करीब 4 से 5 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक बहने और सांस लेने में परेशानी की शिकायत वाले मरीजों की संख्या अधिक है।
बच्चों और बुजुर्गों पर संक्रमण का असर ज्यादा देखा जा रहा है। अस्पतालों के मेडिसिन और पीडियाट्रिक वार्डों में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण बेड की मांग भी बढ़ गई है। कुछ मरीजों में फेफड़ों के संक्रमण की स्थिति गंभीर होने के कारण उनके निर्धारित ऑपरेशन तक टालने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। फैजुल्लागंज में टीम ने करीब 80 घरों का सर्वे किया और लोगों को घर-घर जाकर क्लोरीन की गोलियां और ORS वितरित किए।
बारिश के बाद बढ़ी नमी और उमस का असर त्वचा पर भी दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में खुजली, फंगल इंफेक्शन और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज भी बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग साफ पानी पिएं, आसपास पानी जमा न होने दें और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।



