हाईकोर्ट और मान आमने-सामने

चंडीगढ़। पंजाब सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

जस्टिस मिश्रा जून 2026 से हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त को उनके नाम की सिफारिश की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।

नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार ने आपत्ति जताई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने आरोप लगाया कि नियुक्ति से पहले राज्य सरकार की राय का इंतजार नहीं किया गया। पंजाब सरकार ने केंद्र से शपथ समारोह रोकने और राज्य के पक्ष पर विचार करने की मांग भी की थी। शपथ समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा के राज्यपाल अशिम कुमार घोष, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समारोह में शामिल नहीं हुए।

शपथ ग्रहण को देखते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से भी एडवाइजरी जारी की गई थी। इसके अनुसार 7 सितंबर को हाईकोर्ट में बेंच सुबह 11 बजे से बैठेंगी और न्यायिक कामकाज निर्धारित व्यवस्था के तहत जारी रहेगा, जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के शपथ लेने के साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार की आपत्ति के कारण मामला केंद्र और राज्य के बीच विवाद का विषय भी बना हुआ है।

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