लखनऊ की हवा बनी देश में नंबर-1

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में लखनऊ नगर निगम को सम्मानित किया गया। महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया।

रैंकिंग में लखनऊ के बाद इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहे। प्रथम स्थान हासिल करने पर लखनऊ को 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है, जबकि दूसरे स्थान के लिए एक करोड़ और तीसरे स्थान के लिए 50 लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया गया।

लखनऊ के लिए यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले सर्वेक्षण में शहर 15वें स्थान पर था। इससे पहले 2022 में लखनऊ देश में पहले स्थान पर रहा था। 2023-24 में शहर ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि 2024-25 में इसकी रैंकिंग गिरकर 15वीं हो गई थी। अब 2025-26 के सर्वेक्षण में लखनऊ ने दोबारा शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत की है।

वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन, सड़क सफाई, धूल नियंत्रण और हरित क्षेत्र बढ़ाने समेत कई स्तरों पर काम किया। घर-घर कूड़ा संग्रहण के लिए करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें संकरी गलियों के लिए छोटे इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों की निगरानी सैटेलाइट आधारित व्यवस्था से की जा रही है।

सड़कों से धूल कम करने के लिए 97 इलेक्ट्रिक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, करीब 559.85 किलोमीटर सड़कों को पक्का किया गया है, जिससे खुले हिस्सों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने में मदद मिली है। कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को भी स्वच्छ हवा की योजना से जोड़ा गया है। नगर निगम के अनुसार शहर में प्रतिदिन करीब 2,550 टन कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की क्षमता विकसित की गई है। इसके साथ ही वर्टिकल गार्डन, ग्रीन एरिया और अन्य हरित क्षेत्रों के विस्तार पर भी जोर दिया गया है।

स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शहर में 140 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए फ्लाईओवर और सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य भी किए गए हैं। इसके अलावा एलपीजी और पीएनजी जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधनों की पहुंच बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। इस सर्वेक्षण में लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी वार्ड को भी देश में पहला स्थान मिला है। इससे शहर के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर किए जा रहे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी राष्ट्रीय पहचान मिली है।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस उपलब्धि का श्रेय नगर निगम की लगातार कोशिशों और शहरवासियों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

Related Articles

Back to top button