
अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए जारी सरकारी धन के इस्तेमाल में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ऑडिट और सत्यापन के बाद जिले की 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपये की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों को जिम्मेदार ठहराते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
जांच के दौरान कई पंचायतों में विकास कार्यों से संबंधित जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं कुछ मामलों में बिना काम कराए धनराशि निकालने और अधूरे काम के बावजूद भुगतान किए जाने जैसी अनियमितताएं ऑडिट में सामने आईं। स्थलीय सत्यापन के बाद संबंधित प्रधानों और सचिवों से सरकारी धन की रिकवरी का निर्णय लिया गया।
सचिवों के वेतन से होगी कटौती
जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक, जिन तत्कालीन सचिवों की जिम्मेदारी तय हुई है, उनके वेतन से वसूली करने का आदेश जारी किया गया है। वहीं पूर्व ग्राम प्रधानों और सेवानिवृत्त सचिवों से धनराशि की वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कई साल पुराना है मामला
वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2018-19 के ऑडिट के दौरान सामने आए थे। विभागीय कार्रवाई में देरी के कारण इस अवधि के कई मामले वर्षों तक लंबित रहे। इस दौरान कुछ संबंधित सचिवों और ग्राम प्रधानों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिन आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है, उनसे वसूली संभव नहीं होने की बात विभाग ने कही है।
अलग-अलग पंचायतों में सामने आई अनियमितता
ऑडिट में अकबरपुर क्षेत्र की सुबारपुर, नैली और रोशनगढ़ समेत कई ग्राम पंचायतों में अलग-अलग वर्षों के दौरान वित्तीय अनियमितताएं दर्ज की गईं। सुबारपुर में करीब 18.81 लाख रुपये, नैली में करीब 11.64 लाख रुपये और रोशनगढ़ में करीब 16.48 लाख रुपये की अनियमितता दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
विभाग के अनुसार अब संबंधित लोगों से सरकारी धन की रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, ये मामले ऑडिट में दर्ज वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े हैं और वसूली की कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत चल रही है।



