
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता से कथित मारपीट के मामले में तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिलने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज जेल से बाहर आ गया है। रिहाई के बाद उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह अपने साथियों की गाड़ियों पर कथित हमले का जिक्र करते हुए आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का नाम लेता नजर आ रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जेल से बाहर आने के बाद सामने आया वीडियो
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज एक अन्य व्यक्ति के साथ दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह दावा करता नजर आता है कि उसके साथियों की गाड़ियों को कुछ लोगों ने घेरकर हमला किया। इसके बाद वह चंद्रशेखर आजाद का नाम लेते हुए टकराव की बात करता है। वीडियो में भारद्वाज ने खुद के लिए ‘ब्राह्मण शेर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर कहा कि उसके साथियों पर हुए हमले का जवाब दिया जाएगा। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।
किस मामले में गिरफ्तार हुआ था स्वतंत्र?
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी जंतर-मंतर पर 23 जून को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट से जुड़े मामले में हुई थी। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की गई थी। मामले में शुरुआती तौर पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। बाद में शिकायत से जुड़े अतिरिक्त आरोपों के आधार पर एससी/एसटी एक्ट के प्रावधान जोड़े गए और नाबालिग से जुड़े आरोपों को लेकर POCSO एक्ट के तहत अलग FIR भी दर्ज की गई।
सितंबर में हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को सितंबर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा था। गिरफ्तारी से पहले उसके एक इंटरव्यू और सोशल मीडिया से जुड़े दावों को लेकर मामला चर्चा में आया था। पुलिस कार्रवाई के बाद उसे अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोर्ट ने दी तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत
पटियाला हाउस कोर्ट ने 15 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी। यह नियमित जमानत नहीं है। अदालत ने राहत देते हुए उसके आचरण को लेकर कई शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अंतरिम अवधि के दौरान उसके व्यवहार पर नजर रखी जाएगी।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी शर्त
अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को मामले से संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी प्रतिबंधों का पालन करने को कहा है। उसे शिकायतकर्ता और उसके परिवार से संपर्क नहीं करने तथा मामले से जुड़े लोगों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ से बचने के निर्देश दिए गए हैं। शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में उसकी जमानत की समीक्षा या उसे रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक नियमित जमानत की अर्जी पर आगे सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है। इस दौरान अदालत उसके आचरण और मामले की प्रगति को भी ध्यान में रख सकती है।
फिलहाल रिहाई के बाद सामने आए कथित वीडियो ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वीडियो में किए गए दावों और उसमें दिखाई दे रही परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।



