
लखनऊ। राजधानी में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़कर 86,195 पहुंच गई है। नगर निगम और ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स की ओर से कराई गई पशु गणना-2025 में यह आंकड़ा सामने आया है। वर्ष 2019 में शहर में करीब 75,678 आवारा कुत्ते दर्ज किए गए थे। यानी सात साल में संख्या 10 हजार से अधिक बढ़ी है।
शहर की सीमा बढ़ने का भी असर
रिपोर्ट के मुताबिक 2025 तक लखनऊ नगर निगम की सीमा 317 से बढ़कर 496 वर्ग किलोमीटर हो गई। मौजूदा गणना में पुरानी सीमा के भीतर 66,405 और नए जुड़े क्षेत्रों में 19,790 आवारा कुत्ते मिले हैं। यानी कुल आबादी का करीब एक चौथाई हिस्सा नए शामिल इलाकों में है।2019 से अब तक नगर निगम की ओर से 1,00,038 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इनमें 52,672 नर और 47,366 मादा कुत्ते शामिल हैं। पुराने शहर में नसबंदी कवरेज 80.8 फीसदी है, जबकि नए क्षेत्रों में यह 42.7 फीसदी दर्ज किया गया।
जोन-3 में सबसे ज्यादा कुत्ते
जोनवार आंकड़ों में जोन-3 में 18,411 और जोन-6 में 13,249 आवारा कुत्ते मिले हैं। नए क्षेत्रों में नसबंदी की स्थिति अलग-अलग है। नए जोन-6 में कवरेज सिर्फ 9.6 फीसदी और नए जोन-8 में 14.3 फीसदी बताया गया है।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक फिलहाल करीब 23 हजार कुत्तों की नसबंदी बाकी है। नादरगंज में नया नसबंदी केंद्र तैयार किया गया है, जिसके दो से तीन महीने में शुरू होने की उम्मीद है। वर्तमान में हर महीने करीब 1,300 से 1,500 कुत्तों की नसबंदी हो रही है।
बिना लाइसेंस पालतू कुत्ता रखने पर जुर्माना
नगर निगम ने पालतू कुत्तों के लाइसेंस को लेकर भी जांच अभियान चलाया। जोन-8 के आशियाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान बिना लाइसेंस कुत्ता रखने वाले चार लोगों से 20 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दौरान चार नए लाइसेंस भी जारी किए गए।



