
वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच अमेरिका-चीन संबंधों के साथ व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सुरक्षा और ताइवान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। यह शी जिनपिंग की एक दशक से ज्यादा समय बाद वॉशिंगटन की पहली यात्रा है।
बैठक में दोनों पक्षों ने अमेरिका और चीन के बीच संवाद और सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया। शी जिनपिंग ने AI के इस्तेमाल और विकास को लेकर कहा कि इस तकनीक को मानव नियंत्रण में रहना चाहिए और इसका विकास लोगों के हित में होना चाहिए। वहीं, ट्रंप ने AI को लेकर अलग रुख रखते हुए तकनीकी विकास और अमेरिकी नेतृत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं के रुख से AI के नियमन को लेकर मतभेद भी सामने आए।
ट्रेड ट्रूस दो महीने बढ़ा
बैठक से पहले अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव को कम रखने के लिए चल रहे ट्रेड ट्रूस को दो महीने बढ़ाने पर सहमति बनी। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, यह व्यवस्था अब 10 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी। हालांकि, टैरिफ, दुर्लभ खनिजों की सप्लाई और तकनीकी प्रतिबंध जैसे कई बड़े मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रहेगी।
ताइवान और सुरक्षा पर भी चर्चा
दोनों देशों के रिश्तों में ताइवान लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा रहा है। बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अमेरिका से ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करने की अपील की। इसके अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक भाषा का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने मुलाकात को अच्छा बताया, जबकि शी ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच सहयोग से कई वैश्विक समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है। हालांकि, AI, व्यापार, ताइवान और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर कई मतभेद अभी बने हुए हैं।



