राहुल गांधी मानहानि केस में नया मोड़, वॉयस सैंपल पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला

सुल्तानपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में वॉयस सैंपल को लेकर कानूनी विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्र ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान कराने की मांग को खारिज कर दिया गया था। मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी, यह मामला वर्ष 2018 में बेंगलुरु में राहुल गांधी की ओर से भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से संबंधित है। टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

वॉयस सैंपल की जांच की मांग

मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने अदालत में मौजूद एक सीडी में दर्ज आवाज का राहुल गांधी के वॉयस सैंपल से मिलान कराने की मांग की थी। इसके लिए फोरेंसिक जांच कराने की अर्जी दाखिल की गई थी। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना था कि आवाज के नमूने का वैज्ञानिक परीक्षण कराकर रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाज की पुष्टि की जाए। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और वॉयस सैंपल के मिलान से जुड़ी अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने निचली अदालत के आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती दी।

सेशन कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

वॉयस सैंपल से जुड़े ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ विजय मिश्र की ओर से सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की गई थी। 15 जुलाई को एडीजे कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि निचली अदालत ने अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए आदेश पारित किया है और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है, सेशन कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ का रुख किया है। अधिवक्ता संतोष पांडेय के अनुसार, इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

हाईकोर्ट में 14 सितंबर को सुनवाई

शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से बताया गया है कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है। अब इस मामले में 14 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वॉयस सैंपल के मिलान की मांग पर आगे कोई जांच होगी या नहीं।

2018 से चल रहा है मामला

राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि मामला कई वर्षों से अदालत में चल रहा है। शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने 2018 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद मामले में अलग-अलग स्तरों पर सुनवाई होती रही है। मामले में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को सुनवाई के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और जमानत ली थी। आगे की कार्यवाही के दौरान वॉयस सैंपल को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से आवेदन दिया गया, जिस पर निचली अदालत ने फैसला सुनाया। अब वॉयस सैंपल का मुद्दा हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद इस पुराने मानहानि मामले में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। 14 सितंबर की सुनवाई पर हाईकोर्ट का रुख इस मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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