
लखनऊ:राजधानी लखनऊ के डालीबाग इलाके में स्थित विवादित संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद बुधवार को नया घटनाक्रम सामने आया। सांसद अफजाल अंसारी अपनी दोनों बेटियों के साथ संपत्ति का कब्जा लेने पहुंचे। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीम की मौजूदगी में कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
अदालती आदेश के बाद आगे बढ़ी कार्रवाई
डालीबाग स्थित यह संपत्ति काफी समय से कानूनी विवाद में रही है। संपत्ति को पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था। इसके बाद संपत्ति के स्वामित्व और कुर्की को लेकर अदालत में मामला चला। न्यायिक प्रक्रिया में राहत मिलने के बाद अब प्रशासन की ओर से संपत्ति को कब्जे में वापस देने की कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम और पुलिस टीम रही मौजूद
कब्जा हस्तांतरण के दौरान नगर निगम के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया। नगर निगम की टीम में नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार और लेखपाल समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
पुराने गेट का रास्ता बंद
संपत्ति का पुराना मुख्य प्रवेश द्वार डालीबाग की तरफ वाली सड़क पर था। बताया गया कि एलडीए की आवासीय योजना की बाउंड्री बनने के बाद यह रास्ता बंद हो चुका है। अब संपत्ति तक पहुंचने के लिए 1090 की ओर जाने वाली बंधा रोड का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परिसर के बाहर से हटाया गया कूड़ा
कब्जा सौंपने की प्रक्रिया के दौरान नगर निगम की टीम ने भवन के सामने जमा कूड़े को भी हटाया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पहले गाजीपुर प्रशासन की ओर से संपत्ति को सील किया गया था और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई थी। अब गाजीपुर जिलाधिकारी के आदेश के बाद नगर निगम की टीम संपत्ति का कब्जा संबंधित पक्ष को सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मिली थी राहत
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज डालीबाग स्थित संपत्ति को कुर्की से मुक्त करने का रास्ता साफ हुआ था। इससे पहले गाजीपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने अप्रैल 2025 में इस संपत्ति को गैंगस्टर से अर्जित संपत्ति नहीं माना था।



