
बुलंदशहर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रस्तावित रैली को लेकर बुलंदशहर में सपा और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। सपा नेताओं का कहना है कि रैली को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार आपत्तियां और अड़चनें पैदा की जा रही हैं। पार्टी ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए विरोध जताया है।
अनुमति नहीं मिली तो बिना अनुमति रैली की चेतावनी
मामला उस समय और गरमा गया जब सपा की ओर से संकेत दिया गया कि यदि प्रशासन ने रैली की अनुमति नहीं दी, तो पार्टी बिना अनुमति भी कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार कर सकती है। इस चेतावनी के बाद प्रशासन और सपा के बीच विवाद बढ़ने के आसार हैं। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने कार्यक्रम को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है। उनका आरोप है कि प्रशासन को राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए समान नियम अपनाने चाहिए और किसी एक दल को निशाना बनाकर परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
प्रशासन की भूमिका पर सपा ने उठाए सवाल
सपा की ओर से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को बार-बार अनुमति और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर परेशान किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताया है, वहीं, प्रशासन की ओर से रैली की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमों के तहत निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि रैली को लेकर प्रशासन अंतिम फैसला क्या करता है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
अखिलेश यादव की प्रस्तावित रैली को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। रैली को सपा के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
फिलहाल रैली की अनुमति और आयोजन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रशासन और सपा के अगले कदम पर इस राजनीतिक विवाद की दिशा निर्भर करेगी।



