यूपी में 900 नई अदालतों का गठन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में प्रस्तावित 9,149 नई अदालतों के गठन की योजना के तहत पहले चरण में 900 नई अदालतों को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ को बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस संबंध में 17 सितंबर को शासनादेश जारी किया जा चुका है।

तीन श्रेणियों में बनेंगी अदालतें

पहले चरण में 900 अदालतों का गठन अलग-अलग न्यायिक श्रेणियों में किया जाएगा। इनमें उच्च न्यायिक सेवा की 225 अदालतें, सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी की 375 अदालतें और सिविल जज कनिष्ठ श्रेणी की 300 अदालतें शामिल हैं, नई अदालतों के गठन से प्रदेश में न्यायिक ढांचे का विस्तार होगा और विभिन्न स्तरों पर मुकदमों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध होगी।

9,149 नई अदालतों का है प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में कुल 9,149 नए न्यायालयों के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। अदालतों की संख्या बढ़ाने का मामला लंबित मुकदमों और न्यायिक संसाधनों से जुड़ा है। इसी मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की थी।सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को 900 अदालतों के गठन से संबंधित शासनादेश जारी होने की जानकारी दी। इसके बाद पहले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ।

आगे बढ़ेगी गठन की प्रक्रिया

सरकार के मुताबिक, पहले चरण में मंजूर अदालतों के गठन के बाद न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इससे अदालतों पर बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम करने और सुनवाई के लिए अतिरिक्त न्यायिक क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी है। जरूरत पड़ने पर इस मामले को आगे फिर से सुनवाई के लिए लिया जा सकता है।

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