
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम से कथित चोरी के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। विशेष जांच दल (SIT) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, CCTV फुटेज की जांच में 70 नहीं बल्कि 105 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें नकदी को कथित तौर पर गलत तरीके से हटाया गया। अब SIT की चार्जशीट से यह स्पष्ट होगा कि इन घटनाओं में कितनी रकम गायब हुई और आरोपियों की क्या भूमिका रही।
जून को सामने आया था मामला
मामले की शुरुआत 4 जून को हुई, जब मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान गणना कक्ष के शौचालय में नकदी छिपाए जाने की घटना सामने आई। इसके बाद CCTV फुटेज की जांच शुरू हुई और कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आने लगीं। जून में मामला सार्वजनिक होने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया। शुरुआती जांच में 27 अप्रैल से 5 जून के बीच 42 दिनों के दौरान करीब 70 संदिग्ध चोरी की घटनाओं के CCTV साक्ष्य मिलने की बात सामने आई थी। बाद में पुनर्गठित SIT ने फुटेज समेत दूसरे दस्तावेजों और साक्ष्यों की दोबारा जांच की, जिसके बाद घटनाओं की संख्या बढ़कर 105 हो गई।
आठ आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उनके बैंक खातों और संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई। SIT ने अदालत को बताया कि आरोपियों के खातों में ऐसी रकम मिली, जिसका वे जांच के दौरान संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके।
सुप्रीम कोर्ट में SIT ने दी रिपोर्ट
21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में SIT की स्थिति रिपोर्ट पेश की गई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि CCTV फुटेज के विश्लेषण में चढ़ावे की रकम को अनधिकृत तरीके से हटाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं। जांच टीम ने CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया है। SIT ने अदालत को यह भी बताया कि जांच में फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल किया गया था। आरोपियों के बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। अब चार्जशीट में प्रत्येक घटना, कथित तौर पर गायब रकम और आरोपियों की भूमिका का विस्तृत ब्योरा सामने आने की उम्मीद है।
कीमती चढ़ावे में नहीं मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान मंदिर को मिले कई कीमती चढ़ावों की भी पड़ताल की गई। SIT के मुताबिक, चांदी की ईंटों समेत बताए गए कीमती दान के रखरखाव में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। रिपोर्ट में 803 कीमती वस्तुओं की रसीदों का उल्लेख है और बताया गया कि ये वस्तुएं SBI के लॉकर में सुरक्षित मिलीं। यानी जांच का मौजूदा फोकस मुख्य रूप से गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम से जुड़ी उन घटनाओं पर है, जो CCTV में दर्ज हुई हैं।
चार्जशीट पर अब सबकी नजर
SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। पहली गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे होने की समयसीमा नजदीक होने के कारण चार्जशीट दाखिल करना कानूनी रूप से भी महत्वपूर्ण है। अदालत ने SIT को आरोपपत्र दाखिल करने की अनुमति दी है। अब चार्जशीट से यह साफ होगा कि 105 CCTV घटनाओं में वास्तविक चोरी कितनी रकम की हुई, कौन-कौन लोग किस घटना में शामिल थे और उनके खिलाफ कौन से साक्ष्य जुटाए गए हैं। मामले में आगे की जांच का विकल्प भी खुला रखा गया है।



