
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में वह अपनी मूंछों पर हाथ फेरते हुए प्रदर्शनकारियों से वीडियो बनाने और उसे सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक पहुंचाने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा, जबकि बीजेपी की ओर से भी पलटवार किया गया। इस बीच अशोक सिंह ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई..?
सीओ अशोक सिंह के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। बातचीत के दौरान उन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया गया और उन्हें एक खास जाति से जोड़ते हुए राजनीतिक व्यक्ति तक कहा गया। इसके साथ ही कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर उसे राजनीतिक नेताओं तक पहुंचाने की बात कही। अशोक सिंह का कहना है कि उन्होंने इसी संदर्भ में जवाब देते हुए कहा था कि वीडियो किसी नेता को भेजने के बजाय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। उनका दावा है कि बातचीत के पूरे वीडियो में मौजूद संदर्भ को हटाकर उसका एक छोटा हिस्सा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
CO ने पुलिस कार्रवाई को बताया निष्पक्ष
अशोक सिंह ने कहा कि जिस मामले को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसमें कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली थी, मामला ट्रक क्लीनर सुभाष कुमार की हत्या से जुड़ा है। पुलिस जांच में मोहित यादव का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया। घायल ट्रक चालक के बयान और आरोपी की पहचान के आधार पर FIR दर्ज की गई तथा गिरफ्तारी की गई। CO के अनुसार, कार्रवाई को लेकर एक पक्ष लगातार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहा था। इसी वजह से मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
वायरल वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस अधिकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी को सत्ता का संरक्षण हासिल है, अखिलेश ने अपनी प्रतिक्रिया में पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसे हालात में इंसाफ की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक बदलाव के बाद ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी ने किया पलटवार
अखिलेश यादव के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मूंछों को किसी जाति से जोड़कर देखना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, पुलिस और सुरक्षा सेवाओं में मूंछों को शौर्य और व्यक्तित्व से जोड़ने की पुरानी परंपरा रही है, त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोगों को मूंछों पर हाथ फेरना पसंद नहीं है। उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी अपनी मूंछों के लिए पहचाने जाते रहे हैं और उनका संबंध उस जाति से नहीं है, जिसका संदर्भ अखिलेश की टिप्पणी में लिया गया।
अब वायरल वीडियो पर CO की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद अशोक सिंह ने स्पष्ट किया कि वायरल क्लिप को पूरा संदर्भ बताए बिना प्रसारित किया गया है। उनका कहना है कि पुलिस ने हत्या के मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच की और CCTV फुटेज तथा घायल चालक के बयान जैसे साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।
इस पूरे मामले में अब एक तरफ वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, तो दूसरी ओर CO अशोक सिंह ने वीडियो को अधूरा बताते हुए अपना पक्ष रखा है। मैनपुरी का यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर अब सियासी बहस का मुद्दा बन चुका है।



