पिलर टूटा, छह मंजिला अपार्टमेंट में मचा हड़कंप

लखनऊ। राजधानी के वजीरगंज क्षेत्र के बारूदखाना में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब SA अपार्टमेंट के एक पिलर में गंभीर खराबी आ गई। इमारत में कंपन महसूस होने के बाद कई लोगों को कुछ देर के लिए भूकंप जैसा एहसास हुआ। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बिल्डिंग में रहने वाले करीब 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ SDRF, NDRF, LDA, नगर निगम और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।

पिलर क्षतिग्रस्त होने से बढ़ा खतरा

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, अपार्टमेंट के एक मुख्य पिलर के क्षतिग्रस्त होने के बाद भवन के स्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों और तकनीकी टीम ने इमारत को अतिरिक्त सहारा देने के लिए जैक और अन्य उपकरण लगाने की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल सुरक्षा कारणों से लोगों को बिल्डिंग के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इमारत को किस तरह सुरक्षित किया जा सकता है।

परिवारों को आनन-फानन में निकालना पड़ा

घटना के समय अपार्टमेंट में मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। अचानक कंपन महसूस होने के बाद कई परिवार अपना सामान छोड़कर बाहर निकल आए। प्रशासन और बचाव दल ने सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कुछ आसपास के मकानों और इमारतों को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया।

निर्माण को लेकर भी उठे सवाल

घटना के बाद भवन के निर्माण और उसकी मंजूरी से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ गए हैं। LDA के रिकॉर्ड के अनुसार, भवन का नक्शा वर्ष 2009 में स्वीकृत किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा ढांचा स्वीकृत योजना से अधिक ऊंचाई तक बनाया गया है। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि अतिरिक्त निर्माण को लेकर वर्ष 2020 में नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण ही पिलर में आई खराबी का सीधा कारण था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी संरचनात्मक जांच के बाद ही हो सकेगी।

विशेषज्ञ करेंगे इमारत की जांच

घटना के बाद LDA और तकनीकी अधिकारियों ने भवन की संरचनात्मक स्थिति का आकलन शुरू किया है। इमारत को स्थिर रखने के लिए अस्थायी सपोर्ट लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों के सामने फिलहाल प्राथमिकता भवन को सुरक्षित रखना और आसपास के लोगों को किसी संभावित खतरे से बचाना है।

प्रशासन ने सुरक्षित स्थान की व्यवस्था का भरोसा दिया

जिलाधिकारी विशाख जी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सभी परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए। जिन लोगों के पास तत्काल रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, उनके लिए प्रशासन की ओर से अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की बात कही गई है।मेयर ने भी भवन की तत्काल तकनीकी और संरचनात्मक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इमारत की मरम्मत, मजबूती या आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

SA अपार्टमेंट को खाली करा दिया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर लोगों के प्रवेश पर रोक है। प्रशासन की निगरानी में तकनीकी टीम स्थिति का आकलन कर रही है।

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