
नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और निवेशकों की भारी बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी फिसलकर 22,780.25 के स्तर पर पहुंच गया।
दोनों प्रमुख सूचकांकों का यह 30 मार्च 2026 के बाद सबसे निचला बंद स्तर बताया गया है।
ज्यादातर शेयर लाल निशान में
बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा। निफ्टी के 50 शेयरों में से 47 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल तीन शेयरों में तेजी देखने को मिली। इसी तरह प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी भारी कमजोरी रही और 30 में से 29 शेयर लाल निशान में बंद हुए।
छह महीने के उच्च स्तर से सेंसेक्स काफी नीचे
सेंसेक्स अपने छह महीने के उच्चतम स्तर 79,273.33 से अब करीब 6,500 अंक नीचे आ चुका है। पिछले कुछ समय से जारी कमजोर प्रदर्शन ने बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सेंसेक्स में करीब 9.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी लगभग 7.6 फीसदी नीचे आया है।
एक दिन में निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ डूबे
शेयर बाजार में तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। सोमवार की बिकवाली के बाद बाजार में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹8 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹7.17 लाख करोड़ की कमी आ चुकी है।
महंगा कच्चा तेल बढ़ा रहा बाजार का दबाव
बाजार में कमजोरी की प्रमुख वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
सोने और चांदी में भी गिरावट
शेयर बाजार के साथ कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कारोबार के दौरान सोने की कीमत में करीब ₹2,600 और चांदी के भाव में लगभग ₹5,000 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह सोमवार को शेयर बाजार से लेकर बुलियन मार्केट तक निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल दबाव वाला रहा।



