
नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया। नीरू एशियन गेम्स में महिला ट्रैप के व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज बन गई हैं।
नीरू ने फाइनल में 28 अंक हासिल किए और इस प्रदर्शन के साथ नया एशियन रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने चीन की यूनोंग सुन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 26 अंक के साथ रजत पदक जीता। कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक 21 अंकों के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
भारत का पांचवां गोल्ड
नीरू ढांडा का स्वर्ण पदक एशियन गेम्स 2026 में भारत का पांचवां गोल्ड है। उनकी जीत ने भारतीय निशानेबाजी दल के प्रदर्शन को भी मजबूती दी है। इससे पहले नीरू, मनिषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत के लिए रजत पदक भी जीत चुकी हैं।
क्वालीफिकेशन में भी दिखाया दम
नीरू ने फाइनल से पहले क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 118 अंक के साथ शीर्ष स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले क्वालीफिकेशन के शुरुआती चरण में उन्होंने 50 में से 48 निशाने सही लगाए थे और शानदार लय में नजर आई थीं।
विश्व कप में भी रचा था इतिहास
नीरू ढांडा का यह प्रदर्शन अचानक नहीं आया है। जुलाई 2026 में इटली के लोनाटो में हुए ISSF शॉटगन विश्व कप में उन्होंने महिला ट्रैप का स्वर्ण पदक जीता था। वह इस स्पर्धा में व्यक्तिगत विश्व कप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।
1978 के बाद भारत के लिए खास उपलब्धि
महिला ट्रैप में नीरू की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले एशियन गेम्स में ट्रैप के व्यक्तिगत वर्ग में भारत की ओर से पुरुष निशानेबाजों ने पदक जीते थे। 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स में रंधीर सिंह ने पुरुष ट्रैप में स्वर्ण पदक जीता था। अब नीरू ने महिला ट्रैप में भारत के लिए नया इतिहास दर्ज किया है।
नीरू ढांडा के इस स्वर्ण के साथ भारतीय निशानेबाजी टीम को एशियन गेम्स में एक और बड़ी सफलता मिली है। उनके प्रदर्शन ने महिला ट्रैप स्पर्धा में भारत का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया है।



