USS लिंकन पर 8 सैनिकों ने की आत्महत्या की कोशिश

अमेरिका के परमाणु विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर तैनात 8 नौसैनिकों ने लंबी तैनाती के दौरान आत्महत्या की कोशिश की। अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ ने सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रांड को भेजे एक पत्र में यह जानकारी दी है। नौसेना के मुताबिक, इन घटनाओं में कोई मौत नहीं हुई।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब USS लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने ईरान युद्ध के दौरान करीब 286 दिन समुद्र में बिताए। इस दौरान जहाज और उसके साथ तैनात दूसरे पोतों के चालक दल को लंबे समय तक समुद्र में रहना पड़ा। सितंबर की शुरुआत में स्ट्राइक ग्रुप ने थाईलैंड में बंदरगाह पर पहुंचकर कुछ समय के लिए राहत ली थी।

पूरे स्ट्राइक ग्रुप में हुईं 8 कोशिशें

नौसेना के पत्र के अनुसार, आत्महत्या की कोशिशों में केवल USS लिंकन के चालक दल के सदस्य ही शामिल नहीं थे। इसमें कैरियर एयर विंग, स्ट्राइक ग्रुप और डिस्ट्रॉयर स्क्वाड्रन के कर्मचारी, एस्कॉर्ट जहाजों के नौसैनिक और विमानन स्क्वाड्रन से जुड़े कर्मी भी शामिल थे। एक घटना में अगस्त में एक नौसैनिक समुद्र में गिर गया था। उसे तुरंत बचाकर चिकित्सा सुविधा दी गई और बाद में आगे के इलाज के लिए जहाज से अलग कर दिया गया। मार्च में भी एक नौसैनिक के पानी में जाने की कोशिश को साथियों ने रोक लिया था।

9 महीने से ज्यादा चली तैनाती

USS अब्राहम लिंकन की तैनाती सामान्य अवधि से काफी लंबी रही। जहाज को ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के बीच मध्य पूर्व की ओर भेजा गया था। लंबे समय तक बंदरगाह पर रुकने का मौका नहीं मिलने से चालक दल को लगातार समुद्र में रहना पड़ा। रिपोर्टों में जहाज पर मानसिक दबाव, थकान और सप्लाई से जुड़ी परेशानियों की भी चर्चा हुई।

नौसेना ने कहा है कि जहाज पर मनोवैज्ञानिक, सोशल वर्कर, काउंसलर, बिहेवियरल हेल्थ टेक्नीशियन और चैपलिन जैसी मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध थी। अधिकारियों के मुताबिक, लंबे सैन्य अभियान के दौरान भोजन और जरूरी सामान की सप्लाई में कुछ सीमाएं आईं, लेकिन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई।

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