BLO ऐप में ‘VIP’ फीचर, SIR के बीच नया विवाद

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच चुनाव आयोग के BLO ऐप में जोड़े गए नए ‘Mark VIP’ फीचर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस फीचर की मदद से बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाता सत्यापन के दौरान कुछ मतदाताओं को VIP के तौर पर चिह्नित कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुविधा जुलाई में ऐप के अपडेट के साथ जोड़ी गई थी।

कैसे काम करता है ‘Mark VIP’ फीचर?

जानकारी के मुताबिक, BLO घर जाकर मतदाता का सत्यापन करने के बाद संबंधित व्यक्ति को VIP के रूप में मार्क कर सकता है। इसके बाद इस प्रविष्टि की जांच सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के स्तर पर की जाती है। दिल्ली के अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में ऐसे मतदाताओं की संख्या करीब 3,000 है, जबकि नई दिल्ली जिले में यह संख्या लगभग 1,000 बताई गई है।

किन लोगों को किया जा सकता है मार्क?

चुनाव आयोग के मार्च 2023 के इलेक्टोरल रोल मैनुअल में ‘marked electors’ की व्यवस्था का उल्लेख है। इसमें सांसद, विधायक, घोषित पदों पर रहने वाले लोग, न्यायपालिका और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े व्यक्ति तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता और खेल जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे मतदाताओं को चुनावी रिकॉर्ड में अलग से चिन्हित करने का उद्देश्य सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया को सुगम बनाना बताया गया है।

VIP मतदाताओं को क्या सुविधा मिलेगी?

अधिकारियों के मुताबिक, VIP के तौर पर चिन्हित होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता SIR की जांच से बाहर हो जाएगा। ऐसे मतदाताओं को भी जरूरी नोटिस मिल सकते हैं और उनके नाम पर दावे-आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। अंतर यह है कि सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया में उन्हें सुविधा दी जा सकती है और कुछ मामलों में उन्हें सुनवाई केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

SIR के बीच क्यों चर्चा में आया फीचर?

‘Mark VIP’ सुविधा ऐसे समय सामने आई है जब दिल्ली में कई प्रमुख लोगों के नाम SIR के दौरान सामने आई विसंगतियों के कारण नोटिस प्रक्रिया में आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चुनाव आयुक्त एसएस संधू समेत कई प्रमुख नामों को लेकर SIR से जुड़ी सत्यापन प्रक्रिया की खबरें सामने आई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग के कामकाज और SIR को लेकर राजनीतिक बहस भी चल रही है। आयोग ने पहले कहा है कि बहु-सदस्यीय संस्था में अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श और आंतरिक जांच सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

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