
मुंबई। देश में नौकरी के लिए महिलाओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। फ्रंटलाइन जॉब्स के लिए आने वाले आवेदनों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब 43.5 फीसदी तक पहुंच गई है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 40.4 फीसदी था। यानी एक साल में महिलाओं की भागीदारी में करीब तीन प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
रोजगार से जुड़े ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच 772 शहरों में 6.5 लाख से ज्यादा जॉब पोस्टिंग और करीब 98 लाख आवेदन का विश्लेषण किया गया। इसमें 50 से अधिक फ्रंटलाइन जॉब कैटेगरी को शामिल किया गया आंकड़ों में सबसे खास बात यह है कि महिलाओं की ओर से नौकरी की मांग बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए उपलब्ध अवसर उसी रफ्तार से नहीं बढ़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फ्रंटलाइन जॉब पोस्टिंग में करीब 13 फीसदी विज्ञापन ही सीधे महिलाओं को ध्यान में रखकर जारी किए गए।
ब्यूटी और टीचिंग में महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी
कुछ क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी काफी ज्यादा रही। ब्यूटीशियन से जुड़ी नौकरियों के आवेदनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 86.6 फीसदी रही, जबकि टीचिंग से जुड़े पदों के लिए यह आंकड़ा 80.7 फीसदी तक पहुंच गया।
इसके अलावा बिक्री, ऑफिस वर्क, मार्केटिंग और कस्टमर सर्विस जैसे क्षेत्रों में भी महिलाएं बड़ी संख्या में नौकरियों के लिए आवेदन कर रही हैं। रिपोर्ट में बिक्री क्षेत्र में 56 लाख से ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए।
नौकरी बाजार में बढ़ी हलचल
जून-जुलाई 2026 के दौरान नौकरी के लिए आवेदनों में सालाना आधार पर करीब 65 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी दौरान कंपनियों की ओर से जारी जॉब पोस्टिंग में भी लगभग 40 से 48 फीसदी तक वृद्धि देखने को मिली।
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं अब केवल पारंपरिक महिला-केंद्रित नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। वे बिक्री, मार्केटिंग, ऑफिस और ग्राहक सेवा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर तलाश रही हैं। हालांकि, महिलाओं की बढ़ती नौकरी मांग और उनके लिए उपलब्ध अवसरों के बीच अंतर अभी भी बना हुआ है।



