
मेरठ। भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर फोकस बढ़ा दिया है। पार्टी ने मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल से जुड़े 14 जिलों की 71 विधानसभा सीटों को मिशन के तौर पर लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम में नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क और संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बूथ को मजबूत करने के साथ संगठन के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का संदेश दिया। उनका लक्ष्य पश्चिमी यूपी की सभी 71 सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन मजबूत करना है।
71 सीटों पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी
भाजपा की रणनीति सिर्फ बड़े कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। पार्टी ने शक्ति केंद्र और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों में सक्रिय करने पर जोर दिया है। इससे पहले सामने आई योजना के मुताबिक, पश्चिम क्षेत्र के 14 संगठनात्मक जिलों में आने वाली 71 विधानसभा सीटों के बूथ और शक्ति केंद्र संयोजकों के साथ संवाद की रूपरेखा बनाई गई थी।
नितिन नबीन के दौरे में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ संगठन की स्थिति, स्थानीय स्तर की चुनौतियों और चुनावी तैयारियों पर चर्चा भी हुई। भाजपा की कोशिश है कि पश्चिमी यूपी में बूथ स्तर के नेटवर्क को चुनाव से पहले और मजबूत किया जाए।
योगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास और धार्मिक आयोजनों को लेकर सरकार के कामकाज का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी में पहले जैसी आपराधिक और दंगे वाली स्थिति अब नहीं है। उन्होंने प्रदेश की पहचान को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और विकास से जोड़ने का दावा भी किया।
योगी ने मथुरा-वृंदावन, शुक्रताल और विदुर कुटी जैसे धार्मिक स्थलों के विकास का भी जिक्र किया। वहीं नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा।
2027 से पहले पश्चिमी यूपी पर जोर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 71 विधानसभा सीटें होने के कारण यह क्षेत्र सभी प्रमुख दलों की चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण है। भाजपा ने 2027 के चुनाव से काफी पहले ही यहां संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व का फोकस स्थानीय कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्रों और बूथ स्तर की तैयारियों के जरिए चुनावी अभियान को मजबूत करने पर है।
फिलहाल पश्चिमी यूपी में भाजपा की गतिविधियों ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। आने वाले समय में दूसरे दलों की रणनीति और जमीनी सक्रियता से इस क्षेत्र की चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।



