लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर परियोजना पर कार्य शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी  के चारबाग, ऐशबाग, लखनऊ जंक्शन जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के दबाव को समायोजित करने की योजना बनाई गई है। इसको लेकर ‘लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर’ का निर्माण होगा। करीब 170 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में लखनऊ-कानपुर सेक्शन, लखनऊ-शाहजहांपुर-मुरादाबाद सेक्शन, ऐशबाग-डालीगंज-सीतापुर सिटी, लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा सेक्शन, लखनऊ- बाराबंकी-अयोध्या सेक्शन, लखनऊ-सुलतानपुर-वाराणसी सेक्शन और लखनऊ-रायबरेली-वाराणसी सेक्शन को जोड़ा जाएगा।

रेलवे परियोजना के निर्माण से ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। परियोजना के सर्वे को मंजूरी मिल गई है और जल्द ही काम शुरू होगा। प्रोजेक्ट 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि रेलवे ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने में यह कॉरिडोर काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। सर्वे के बाद योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।

लखनऊ क्षेत्र में वर्तमान में सात मुख्य रेल मार्ग हैं। इनके माध्यम से सभी ट्रेनें संचालित होती हैं। दबाव के कारण कई बार ट्रेन संचालन प्रभावित होता है। यह क्षेत्र उत्तर रेलवे, उत्तर-पूर्व रेलवे, और पूर्व-मध्य रेलवे के लिए प्रवेश द्वार के रूप में काम करता है, जिससे दबाव बढ़ जाता है। वर्तमान में लखनऊ से अयोध्या, वाराणसी, कानपुर, मुरादाबाद, सीतापुर, रायबरेली और सुलतानपुर जाने वाले मार्गों पर सबसे ज्यादा ट्रेनों का संचालन हो रहा है।

लखनऊ और ऐशबाग स्टेशन से लगभग 90 फीसदी मालगाड़ियां और 70-80 फीसदी यात्री गाड़ियां गुजरती हैं। कई बार ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है, जिसकी वजह से ट्रेनें लेट भी होती हैं। कॉरिडोर के बनने से संचालन में सुधार होगा। कुलदीप तिवारी ने बताया कि सातों मुख्य मार्गों को ऑर्बिटल कॉरिडोर से जोड़ने के साथ ही एक ग्रीन फिल्ड मेगा पैसेंजर टर्मिनल भी बनाया जाएगा। इस टर्मिनल पर 30 से ज्यादा लाइनें और 20 से ज्यादा प्लैटफॉर्म होंगे। कॉरिडोर में रेल-ऑन-रेल पुलों का निर्माण भी होगा। कॉरिडोर को वाई कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। सीनियर डीसीएम ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस-वे के पास एक मेगा रेल लॉजिस्टिक्स पार्क भी बनवाया जाएगा।

Barray enrolled at the Cours Simon, a drama school in Paris.

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