
‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद व्यक्ति, मनमोहन सिंह के जीवन पर आधारित है। यह फिल्म 2019 में रिलीज़ हुई थी और इसे विक्रम मालय द्वारा निर्देशित किया गया था। फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ एक किताब पर आधारित है, जिसका नाम भी ‘The Accidental Prime Minister’ है, जिसे संजय बारू (जो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके थे) ने लिखा था। किताब और फिल्म दोनों ही मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के कारणों, उनके प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल, और उनके कार्यों के बारे में एक खास दृष्टिकोण पेश करते हैं।
फिल्म का कथानक:
फिल्म का मुख्य कथानक संजय बारू की किताब पर आधारित है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों और observations के माध्यम से मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने और उनके कार्यकाल के दौरान की परिस्थितियों का वर्णन किया है। फिल्म में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया, उनकी स्थिति, और उनके निर्णयों को दर्शाया गया है। इसके अलावा, फिल्म में कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी के प्रभाव को भी दिखाया गया है, क्योंकि संजय बारू ने इस पुस्तक में दावा किया कि मनमोहन सिंह एक “दूरदर्शी” नेता थे, लेकिन उनका कार्यकाल सोनिया गांधी के नेतृत्व में था और कई बार उनकी स्वतंत्रता सीमित थी।
फिल्म के मुख्य किरदार:
मनमोहन सिंह (आनंद कुमार): मनमोहन सिंह का किरदार अभिनेता अनुपम खेर ने निभाया है। अनुपम खेर ने मनमोहन सिंह के चरित्र और उनके व्यक्तित्व को पर्दे पर जीवंत किया है। सोनिया गांधी (सुजाता सेठ): सोनिया गांधी का किरदार अभिनेत्री सीरी वत्स ने निभाया है। राहुल गांधी (Arjun Mathur): राहुल गांधी का किरदार अभिनेता अर्जुन माथुर ने निभाया है। संजय बारू (विक्रम गोखले): संजय बारू के किरदार में अभिनेता विक्रम गोखले ने अभिनय किया है, जो मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार थे।
फिल्म का विवाद:
फिल्म को लेकर कुछ विवाद भी हुआ, क्योंकि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन को लेकर कुछ दावे किए गए थे। कुछ आलोचकों का मानना था कि यह फिल्म मनमोहन सिंह की छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जबकि समर्थकों का कहना था कि यह एक सच्चाई है जो दर्शाती है कि उनके कार्यकाल में कई बार सोनिया गांधी का प्रभाव अधिक था। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं ने भी फिल्म के तथ्यों पर सवाल उठाए थे और इसे राजनीति से प्रेरित बताया था। फिर भी, यह फिल्म एक ऐसे समय में आई थी जब भारतीय राजनीति में मनमोहन सिंह के योगदान और उनके कार्यकाल को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं।
फिल्म का उद्देश्य:
‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म का उद्देश्य मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने से लेकर उनके कार्यकाल तक के राजनीतिक घटनाक्रमों को दिखाना था। यह फिल्म राजनीति, सत्ता, और मीडिया के रिश्ते को दर्शाती है और यह बताती है कि एक प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह की भूमिका कैसी थी। फिल्म इस बात को सामने लाती है कि कैसे राजनीति और पार्टी के अंदरूनी दबावों के चलते एक प्रधानमंत्री को अपने कार्यों में सीमित रहना पड़ता है। इस फिल्म ने भारतीय राजनीति, प्रधानमंत्री के दायित्व और नेताओं के व्यक्तिगत संघर्षों पर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जो दर्शकों के बीच एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना।