
नई दिल्ली। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग स्टारलाइनर (Boeing Starliner) अंतरिक्ष यान से ISS पहुंचे थे, लेकिन उनकी वापसी में देरी हुई क्योंकि स्टारलाइनर में कुछ तकनीकी समस्याएँ आ गई थीं। इसलिए, अब वे स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन (SpaceX Crew Dragon) के ज़रिए वापस लौट रहे हैं।
यह एक महत्वपूर्ण क्षण है, खासकर अंतरिक्ष अन्वेषण और सुनीता विलियम्स जैसी अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए। उनकी यह यात्रा न केवल वैज्ञानिक और तकनीकी दृष्टि से अहम रही, बल्कि अंतरिक्ष में दीर्घकालिक मिशनों को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुई। स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान की यह वापसी एक और ऐतिहासिक कदम है, जो यह दर्शाता है कि निजी कंपनियां अब अंतरिक्ष मिशनों में कितनी बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
भारतीय समय के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर यान को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से अलग यानी अनडॉक किया जाएगा। यह उनकी तीसरी अंतरिक्ष यात्रा थी। वो पहली महिला बनीं जिन्होंने दो अलग-अलग प्राइवेट यान (बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन) से उड़ान भरी। अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा समय बिताने वाली महिला एस्ट्रोनॉट्स में से एक हैं (अब तक कुल 322+ दिन), इस मिशन से भविष्य में होने वाले चंद्रमा और मंगल अभियानों के लिए जरूरी तकनीकों का परीक्षण भी किया गया।