
नई दिल्ली। सरकार ने उन्नत ई-गवर्नेंस (E-Governance) के जरिये पैन (स्थायी खाता संख्या) से जुड़ी सभी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पैन 2.0 योजना की शुरुआत की है। पैन 2.0 के जरिये सरकार डुप्लिकेट पैन को पूरी तरह खत्म करना चाहती है। अब सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति एक से ज्यादा पैन कार्ड रख सकता है?
आयकर अधिनियम-1961 के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा पैन कार्ड नहीं रख सकता है। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा पैन कार्ड पाए जाते हैं, तो उसे क्षेत्राधिकार वाले कर अधिकारी को सौंपकर रद्द कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर आयकर अधिनियम की धारा-272बी के तहत कर अधिकारी एक से अधिक पैन कार्ड रखने वाले व्यक्तियों पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लगा सकते हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 78 करोड़ पैन जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 98 फीसदी पैन कार्ड व्यक्तिगत करदाताओं के पास हैं। पैन 2.0 योजना से आयकर विभाग के डिजिटल बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
1,435 करोड़ रुपये के बजट के साथ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की पैन 2.0 पहल पैन/टैन सेवाएं देने वाले सभी प्लेटफॉर्म एवं पोर्टलों को आधुनिक बनाएगी और उन्हें एक प्रणाली से जोड़े रखेगी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य पैन/टैन आवेदन एवं प्रबंधन को सरल बनाना, प्रोसेसिंग में लगने वाले समय को कम करना, करदाताओं के लिए डिजिटल पहुंच एवं सेवाओं में सुधार करना और डाटा सुरक्षा बढ़ाना है।