म्यांमार में मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा

नई दिल्ली। म्यांमार और थाईलैंड में विनाशकारी भूकंप से भारी तबाही हुई है। सैकड़ों लोगों की जान चली गई है, वहीं हजारों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में भारत सरकार ने पड़ोसी मुल्क म्यांमार की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने म्यांमार के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ब्रम्हा शुरू किया है। इसके तहत वायुसेना के विमान से राहत सामग्री यांगून भेजी गई है। ये कोई पहला मौका नहीं है जब भारत ने इस तरह से कोई खास ऑपरेशन शुरू किया है। भारत सरकार समय-समय पर संकट की स्थिति आने पर दूसरे देशों को जरूरी सहयोग मुहैया कराने के लिए खास अभियान चलाती रही है।

म्यांमार और थाईलैंड में जिस तरह से भूकंप ने तबाही मचाई है। साल 2023 में तुर्की और सीरिया में भी ऐसा ही मंजर सामने आया था। उस समय भी भयानक भूकंप ने दोनों देशों में कोहराम मचाया था। उस समय भारत ने प्रभावित देशों को सहायता प्रदान करने के लिए ‘ऑपरेशन दोस्त’ नाम से एक सर्च और रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत भारत ने खोज और बचाव दल, मेडिकल टीम, दवाईयां, राहत सामग्री और जरूरी सामान तुर्की और सीरिया भेजे थे।

साल 2023 में ही भारत ने ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया था। ये अभियान तब शुरू किया गया जब सूडान में सेना और एक प्रतिद्वंद्वी अर्द्धसैनिक बलों के बीच जंग छिड़ गई थी। उस वक्त बड़ी संख्या में फंसे भारतीयों को वहां से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। इस ऑपरेशन में संकटग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को वापस स्वदेश लौटने में मदद की गई थी। इसके लिए भारतीय वायु सेना के दो एयरक्राफ्ट और भारतीय नौसेना के शिप सुमेधा को ऑपरेशन में शामिल किया गया था।

कोरोना महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया संकट से जूझ रही थी उस समय भारत ने ‘वैक्सीन मैत्री’ अभियान शुरू किया था। उस समय भारत सरकार की ओर से दुनिया भर के देशों को कोविड-19 टीके उपलब्ध कराने के लिए एक मानवीय पहल की गई। सरकार ने 20 जनवरी 2021 से टीके उपलब्ध कराना शुरू किया। 9 मई 2021 तक भारत ने 95 देशों को कोविड वैक्सीन की लगभग 66.3 मिलियन खुराक की आपूर्ति की थी।

अप्रैल 2015 में पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में विनाशकारी भूकंप आया, जिससे काफी तबाही हुई थी। उस समय भारत सरकार ने ऑपरेशन मैत्री शुरू किया था। इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों को भी नेपाल में बचाव और राहत अभियान के उतारा गया। ‘ऑपरेशन मैत्री’ विनाशकारी भूकंप के कुछ ही घंटों के भीतर शुरू किया गया था। कुछ ही दिनों में 43000 से ज्यादा भारतीयों को भूकंप प्रभावित नेपाल से जमीनी रास्ते से निकाला गया।

साल 2004 में आई सुनामी से श्रीलंका और मालदीव काफी प्रभावित हुए थे। संकट के इस दौर में मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन कैस्टर और ऑपरेशन रेनबो शुरू किया था। जिसमें समुद्र में खोए मछुआरों और नावों की खोज और बचाव में मदद पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए। इस दौरान तीन भारतीय नौसैनिक जहाज, आईएनएस मैसूर, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस आदित्य को भेजा गया। इसके अलावा प्रभावितों के सहयोग को लेकर हेलीकॉप्टर, जल शोधन संयंत्र और मेडिकल टीम और राहत उपकरणों से लैस सामान भेजे गए।

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