फाल्गुन मास में मनाए जाते हैं कई त्योहार

फाल्गुन मास में भगवान श्रीकृष्ण, भगवान विष्णु, मां जानकी, भगवान शिव के साथ-साथ चन्द्रदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। फाल्गुन मास के दौरान कई त्योहार मनाए जाते हैं जिसमें होली, महाशिवरात्रि, फुलेरा दूज, फाल्गुन पूर्णिमा, फाल्गुन अमावस्या और आमलकी एकादशी प्रमुख हैं।

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी विजया एकादशी कहलाती है। मानसिक संताप दूर करने एवं सात्विकता बनाए रखने के लिए विजया एकादशी का व्रत रखने की परम्परा है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी महाशिवरात्रि के रूप में मनाई जाती है। शिव के प्रति समर्पण भाव करने हेतु एवं मन की शुद्धि एवं पापों के विनाश हेतु महाशिवरात्रि व्रत रखा जाता है। इस बार महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा और उसी दिन प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ की पूर्णता भी होगी।

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या फाल्गुनी अमावस्या कहलाती है। यह अमावस्या पितरों को मोक्ष देने वाली होती है, इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी आमल की एकादशी कहलाती है। षत्रुओं पर विजय एवं दुखों से मुक्ति के लिए आमल की एकादषी का व्रत रखा जाता है।

फाल्गुन मास में होली से आठ दिन पहले होलाष्टक प्रारम्भ हो जाता है, होलाष्टक में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलिका दहन तक आठ दिन होलाष्टक तक माने जाते हैं। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होलिकोत्सव मनाया जाता है। बुराई पर भलाई की जीत के लिए होलिका पूजन एवं रंगों का त्यौहार होली मनाया जाता है। इस दिन देवताओं को अबीर और गुलाल अर्पित करना शुभ होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना नामक राक्षसी का वध भी फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया था।

फाल्गुन मास में जो दान, जप, ब्राहमण पूजन और भगवान विष्णु का पूजन करता है, वह सब पापों से मुक्त होकर इस लोक तथा परलोक में विविध प्रकार के सुखों को भोगता है तथा समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। फाल्गुन मास में शीतल व सामान्य जल से स्नान करना चाहिए तथा स्वास्थ्य लाभ के लिए भोजन में अधिक से अधिक फल का प्रयोग करना चाहिए। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन अट्ठाहस, खिलखिलाहटों और मंत्रोच्चारण से मन में एकत्र सभी प्रकार की नकारात्मक उर्जा को भक्ति की शक्ति के माध्यम से दूर किया जाता है। होलिका दहन में दी गई अग्नि आहूति, परिक्रमा से सम्पूर्ण अनिष्टों का नाश होता है, फाल्गुन मास में मन भक्ति-उल्लास को तरसता है, इसलिए होली पर रंग बरसता है।

Who sang the song how many times can you break but not shatter?

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