22 मार्च 2020 को भारत में लगा था जनता कर्फ्यू

नई दिल्ली। आज का दिन यानी 22 मार्च इतिहास में दर्ज है, आज के ही दिन साल 2020 में भारत में कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जनता कर्फ्यू का नाम दिया। दो दिन बाद यानी 24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लगाया गया। लॉकडाउन के बाद मानो जैसे जिंदगी की रफ्तार थम गई हो। सुनसान रास्ते, बंद बाजार-दुकानें, दूर-दूर तक केवल खामोशी का मंजर… कोरोना के दौरान लगा यह लॉकडाउन कई महीनों तक चला।

कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मार्च को खुद टीवी पर आकर लोगों से अपील की थी कि वे 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें। इसका उद्देश्य लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना था। इससे वायरस के फैलने की गति को कम किया जा सके। देशभर में लोगों ने इसका समर्थन किया। सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। सरकार ने दो दिन बाद ही यानी 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान कर दिया।

19 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ का पालन करने की अपील की> उन्होंने कहा, सभी लोग अपने घरों में रहें। सिर्फ वे लोग बाहर निकलें जो जरूरी सेवाओं में काम करते हैं। ‘जनता कर्फ्यू’ का एक खास मकसद था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि वायरस का फैलाव कम हो सके। इसे भविष्य में होने वाले लॉकडाउन की तैयारी के तौर पर भी देखा गया।

22 मार्च 2020 को पूरे देश में ‘जनता कर्फ्यू’ को लोगों का खूब साथ मिला। सड़कें खाली थीं, दुकानें, दफ्तर और सार्वजनिक परिवहन सब बंद थे। लोगों ने अपनी मर्जी से घरों में रहकर इस पहल को सफल बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से एक और बात कही थी। उन्होंने कहा था कि शाम 5 बजे सब लोग अपने घरों की बालकनी या दरवाजे पर खड़े हों। फिर ताली, थाली या घंटी बजाकर उन लोगों का धन्यवाद करें जो स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी कामों में लगे हैं। लोगों ने उनकी बात मानी और खूब उत्साह से इसमें भाग लिया।

जनता कर्फ्यू के बाद सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया। 24 मार्च 2020 को पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। यह लॉकडाउन 25 मार्च से शुरू हुआ और 21 दिनों तक चला। इसका मकसद भी यही था कि वायरस को फैलने से रोका जा सके।

जनता कर्फ्यू ने देश को एक साथ मिलकर महामारी से लड़ने का संदेश दिया। इसने लोगों को आगे आने वाली मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार किया। यह एक तरह से अभ्यास था कि लॉकडाउन के दौरान कैसे रहना है। कोरोना के दौरान लोगों ने एक-दूसरे का साथ दिया। डॉक्टरों, नर्सों और सफाई कर्मचारियों जैसे लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद की। ‘जनता कर्फ्यू’ और लॉकडाउन ने हमें सिखाया कि मुश्किल समय में एकजुट रहना कितना जरूरी है।

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