नए इनकम टैक्स बिल से क्रिप्टोकरेंसी होगी जब्त

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी, 2025 को लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया है, तो इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बिल मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।

नए इनकम टैक्स बिल में क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स को लेकर कुछ विशेष प्रावधान हैं। सरकार पहले से ही इस बारे में कुछ टैक्सेशन नियमों को स्पष्ट कर चुकी है, जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर टैक्स लगाने के नियम। नए बिल में इन प्रावधानों को और बदलावों को स्पष्ट किया गया है।

नए इनकम टैक्स बिल में वर्चुअल डिजिटल एसेट की परिभाषा में “क्रिप्टो एसेट” को शामिल किया है। इसका मुख्य कारण यह है कि क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स डिजिटल रूप से सुरक्षित क्रिप्टोग्राफिक लेजर पर आधारित होते हैं, जैसे कि ब्लॉकचेन, जो इन्हें ट्रैक करने और मॉनिटर करने में मुश्किल बनाता है।

ब्लॉकचेन तकनीक की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड और पारदर्शी होती है, लेकिन इसकी गुमनामी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन्स की प्रकृति के कारण क्रिप्टो एसेट्स को ट्रैक करना सरकारों और टैक्स अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से, इन डिजिटल एसेट्स से जुड़ी आय और लेन-देन पर सही टैक्स लगाने के लिए नए कानूनों की जरूरत महसूस की जा रही है। नए बिल में ऐसी योजनाओं की संभावना हो सकती है जो:

क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पर टैक्स को स्पष्ट रूप से शामिल करें। क्रिप्टोकरेंसी को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के तहत लाकर इसके लेन-देन और निवेश पर पारदर्शिता लाने की कोशिश करें। धन शोधन (Money Laundering) और टैक्स चोरी जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए, क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन को ट्रैक करने के उपायों की व्यवस्था की जा सकती है। इन प्रावधानों के माध्यम से, सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि लोग क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल एसेट्स से होने वाली आय को ठीक से रिपोर्ट करें और उन पर उचित टैक्स का भुगतान करें।

    माना जा रहा है कि सरकार का उद्देश्य यूटिलिटी टोकन, सिक्योरिटी टोकन और क्रिप्टो डेरिवेटिव्स जैसे डिजिटल एसेट्स को कवर इसलिए किया जा रहा है ताकि इसे रेगुलेट किया जा सके या क्रिप्टो गतिविधियों को ट्रैक किया जा सके।

    Related Articles

    Back to top button