
नई दिल्ली। बीजेपी के सीनियर लीडर और दिल्ली के प्रभारी बैजयंत जय पांडा ने कहा है कि इस बार दिल्ली में बीजेपी को अल्पसंख्यकों ने भी वोट दिए हैं। इनमें सिख, जैन और मुसलमान भी हैं। इस बार मुस्लिम वर्ग में भी बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया है कि दिल्ली में पहले से चली आ रही किसी योजना को बंद नहीं किया जाएगा। मोहल्ला क्लीनिक को प्राइमरी हेल्थ सेंटर के रूप में डिवेलप किया जाएगा, ताकि उनका सदुपयोग हो सके।
जय पांडा ने बीजेपी की जीत में कांग्रेस की भूमिका को खारिज किया। कहा, अगर कांग्रेस इतने वोट न लेती तो भी हमारी सरकार बनना तय था। दिल्ली में जीत की जो चार बड़ी वजह थीं, उनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्प पत्र पर गारंटी पर विश्वास, अमितशाह की रणनीति और आ-पदा (आम आदमी) पार्टी से त्रस्त होना। खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाली पार्टी के एक के बाद एक कई करप्शन केस सामने आए हैं। लोगों की पीड़ा की वजह शीशमहल भी है। खुद अरविंद केजरीवाल ने बच्चों की कसम खाकर कहा था कि वे बड़ा बंगला नहीं लेंगे। लोगों को लगा था कि वे ईमानदार होंगे, लेकिन ये एक झांसा था। उनके फरेब की पोल खुल गई।
पांडा ने ये मानने से इनकार कर दिया कि सभी वादे पूरे करने के लिए दिल्ली सरकार को वित्तीय दिक्कत होगी। उनका कहना है कि जो करप्शन हो रहा था, वो बंद हो जाएगा तो काफी पैसा बचेगा। उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी जो वादा करती है, वह रिसर्च करने के बाद करती है। राष्ट्रीय स्तर पर संकल्प पत्र में जो वादे किए थे, उनमें से 99 फीसदी पूरे किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे संकल्प पत्र के पीछे प्रधानमंत्री की गारंटी है। लोगों ने यह देखा भी है कि हम जो कहते हैं, वह करते भी हैं। दूसरी यह कि गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक रणनीति है, सोच और पहल, उससे बीजेपी को बहुत फायदा मिला। तीसरी वजह लोग आपदा (आम आदमी) पार्टी से त्रस्त हो चुके थे। लगातार 10 सालों तक तीन बार वही झूठे वादे। अपने आप को कट्टर ईमानदार कह कर लोगों के सामने पेश करने वालों के एक के बाद एक कई भ्रष्टाचार सामने आए।
सीएजी रिपोर्ट में दिल्ली जल बोर्ड में 2000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार। सबसे अधिक पीड़ादायक रहा शीशमहल। जो व्यक्ति अपने बच्चों की कसमें खाता हो कि वीवीआईपी कल्चर का त्याग करेंगे लेकिन उन्होंने ऐसा न करके उलटा अपना घर ही शीशमहल की तरह बना लिया। दिल्ली में 10 सालों में कोई विकास ही नहीं हुआ था। न कोई फ्लाईओवर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बुरा हाल। प्रदूषण, गंदा पानी, यमुना गंदी, यह तीसरा कारण है। चौथी वजह बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत है। 7-8 महीनों तक कार्यकर्ता लगातार झुग्गी बस्तियों में गए और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी। हजारों की संख्या में समाज के सभी वर्गों के साथ बैठकें की गई। घर-घर कैंपेन किया गया, जिसका फायदा बीजेपी को इस चुनाव में मिला और सत्ता में लौट आई।