डिफेंस कॉरिडोर जमीन अधिग्रहण में हुआ पूरा खेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर मामले में मुआवजा लेने वालों ने भटगांव के किसानों से पहले जमीन का एग्रिमेंट करवाया। उसके बाद रजिस्ट्री करवाकर खुद मालिक बनकर आनन फानन यूपीडा के पक्ष में जमीनों का विक्रय कर मुआवजा भी ले लिया। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया है कि मुआवजे लेने वालों में ज्यादातर लोगों ने यूपीडा के पक्ष में विक्रय के दिन विक्रेता का नाम ही अंकित नहीं था।

मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता विनय दुबे का कहना है कि दरअसल किसानों की जमीन की रजिस्ट्री करवाने वालों ने मुआवजे के लिए दस्तावेज पहले भेजे, उसके बाद तहसील के कर्मचारियों से मिलीभगत से खतौनी में नाम दर्ज करवाया। इस मामले में कुल 5,80,84,800 रुपये के मुआवजा भुगतान का मामला सामने आया है।

भटगांव के खसरा संख्या 44स, 48स, 59स, 270स और 272 की ज्यादातर जमीनों की रजिस्ट्री सुशांत गोल्फ सिटी निवासी वरुण मिश्रा, उनकी पत्नी सरिता सिंह, कुशीनगर निवासी बंका और आशीष मिश्रा के नाम हुई है। सूत्रों का कहना है कि ये लोग काफी रसूखदार लोगों से ताल्लुक रखते हैं। भटगांव के पट्टे निरस्त होने के आदेश के बाद अब इन लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है। इनसे रिकवरी भी हो सकती है।

सोलर प्लांट लगवाने के लिए 5% का कमिशन मांगने के आरोपित निकांत जैन के करीबियों के बारे में जानकारी जुटा कर पुलिस उनके बैंक अकाउंट्स की डिटेल खंगालने की तैयारी में है। मामले में पुलिस ने आरोपित के करीबियों को चिन्हिृत किया है। उनके बैंक अकाउंट्स की डिटेल भी पुलिस खंगालने की तैयारी में है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्ध ट्रांजक्शन मिलने की स्थिति में उनके बैंक अकाउंट्स को भी सीज करने की प्रक्रिया पुलिस करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी संभावित पॉइंट्स पर जांच की जा रही है। कुछ लोगों का बयान दर्ज करने के लिए पुलिस नोटिस भी जारी करेगी।

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