
नींद हमारी सेहत के लिए उतनी ही जरूरी है जितना कि अच्छा खाना और नियमित एक्सरसाइज़। अगर हम पूरी और अच्छी नींद नहीं लेते, तो इसका सीधा असर हमारे शरीर और दिमाग पर पड़ता है। नींद हमारी सेहत के लिए काफी जरूरी है, ज्यादातर एक्सपर्ट्स के मुताबित हमें एक दिन मे कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं करते तो सुस्ती और कमजोरी तो होती ही है, साथ ही बॉडी के स्मूद फंक्शन में भी काफी परेशानी आती है। सोने की सही पोजीशन सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है। अगर आप गलत पोजीशन में सोते हैं, तो इससे कमर दर्द, गर्दन में अकड़न, पाचन संबंधी समस्याएँ और यहाँ तक कि साँस लेने में दिक्कत भी हो सकती है।
अकसर हम आलस की वजह से तुरंत बिस्तर पर लेट जाते हैं, और इस बात का ध्यान नहीं रखते कि ये पोजीशन सही है भी या नहीं। अगर आप पेट के बल सोते हैं तो हो सकता है कि आपको इससे काफी आराम मिलता हो, लेकिन बॉडी के लिए ये हार्मफुल साबित हो सकता है, ऐसे में आपकी रीढ़ की हड्डी अलग-अलग नहीं रह पाती, जिससे इन्हें नुकसान पहुंचता। पेट के बल सोने पर कई जरूरी अंगों पर अनचाहा दबाव पड़ता है जिससे इनके फंक्शंस पर असर पड़ सकता है। जब आप इस तरह सोते है तो मुंह नीचे की तरह होता है जिससे सांस लेने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा अगर आप इस पोजीशन में सोते हुए गर्दन घुमाते हैं तो सर्वाइकल स्पाइन के लिग्मेंट्स पर प्रेशर पड़ता है, जो खतरनाक है।
दोनों हाथों को फैलाकर पीठ के बल सोने से काफी आनंद आता है, लेकिन इससे रीढ़ की हड्डियों का नेचुरल कर्व प्रभावित हो जाता है, अगर किसी बीमारी या चोट की वजह से इस तरह सोना आपकी मजबूरी हो, तो अपने घुटने के नीचे एक तकिया रख दें जिससे बैक बोन में किसी तरह की दिक्कतें न आएं।
अगर आप चाहते हैं कि गलत तरीके से सोने की वजह से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, तो बेहतर है कि वक्त रहते साइड करवट लेकर सोने की आदत डाल लें. इससे स्लीप एपनिया जैसी बीमारियों से भी राहत मिल जाती है। अगर आप चाहते हैं कि गलत तरीके से सोने की वजह से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, तो बेहतर है कि वक्त रहते साइड करवट लेकर सोने की आदत डाल लें. इससे स्लीप एपनिया जैसी बीमारियों से भी राहत मिल जाती है।