कांग्रेस ने बनाई 2026 के असम चुनाव की रणनीति

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी ने 2026 के असम विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए करीब ढाई घंटे तक एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक कांग्रेस के मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इनमें AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा, और असम के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह शामिल थे।

बैठक में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) का मुकाबला एकजुट होकर करने का संकल्प लिया गया। राहुल गांधी ने इस बैठक के बाद अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि असम की जनता ने अब नफरत की राजनीति को हराने और कांग्रेस की “मोहब्बत और प्रगति की राजनीति” को अपनाने का निर्णय लिया है।

राहुल गांधी ने आगे लिखा, “आज, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के नेतृत्व में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं की बैठक में सम्मिलित हुआ। असम ने मन बना लिया है – भ्रष्टाचार और नफरत की राजनीति को हटाने का, कांग्रेस के साथ मोहब्बत और प्रगति की राजनीति को गले लगाने का।” इस बैठक के जरिए कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति पर विचार किया और यह तय किया कि वह भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी।

बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने एचटी से बात करते हुए कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने अगले साल होने वाले चुनावों में हर राज्य के नेतृत्व से बात की। उन्होंने हमारी बात सुनी और हमें आगे बढ़ने के निर्देश दिए। अगर हमें असम में लोकतंत्र को बचाना है, तो हमें वहां की भ्रष्ट भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।”

गोगोई ने आगे कहा, “हर कोई जानता है कि समाज में अशांति का माहौल है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भ्रष्टाचार की जो लंका खड़ी की है, उसे नष्ट करना होगा।” हालांकि, गोगोई ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि इस मुद्दे पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व असम में भाजपा सरकार को चुनौती देने के लिए पार्टी सदस्यों को एकजुट करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एकजुटता को प्राथमिकता दी है और पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री उम्मीदवार के मुद्दे पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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