
स्तनों का कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर का आम प्रकार है। इसकी वजह से कई महिलाओं को जान गंवानी पड़ती है। लेकिन अगर इसे जल्दी पकड़ लिया जाए तो इलाज आसान हो जाता है। कैंसर एक खतरनाक बीमारी है। इसके बारे में सुनते ही हाथ-पैर कांपने लगते हैं। लोगों को लगता है कि कैंसर होने के बाद बचना नामुमकिन है। लेकिन ऐसा नहीं है, आजकल साइंस बहुत एडवांस हो गया है और कई मरीजों को इस बीमारी की जकड़ से पूरी तरह निकाला जा चुका है। अगर कैंसर के बारे में जल्दी पता लग जाए तो इसका इलाज आसान हो जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अगर ब्रेस्ट कैंसर को जल्दी पकड़कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसके ठीक होने की दर उच्च देखी गई है। स्तनों में होने वाली साडी गाठे कैंसरीकृत नहीं होती और जो होती हैं उन्हें पहचानने के लिए कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं। ब्रेस्ट कैंसर, या स्तन कैंसर, एक प्रकार का कैंसर है जो स्तन के ऊतकों में विकसित होता है। यह महिला और पुरुष दोनों में हो सकता है, हालांकि यह महिलाओं में अधिक सामान्य है। ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं, जिससे ट्यूमर बनता है।
स्तनों की जांच करें, नियमित रूप से जांच और हेल्थ स्क्रीनिंग करवाएं, डॉक्टर से नियमित चेकअप करवाएं, हर साल मैमोग्राम टेस्ट करवाएं। स्तनों में बदलावों पर नजर रखना और किसी भी असामान्य लक्षण, जैसे गांठ, दर्द या दबाव महसूस होने पर डॉक्टर से परामर्श करना बहुत जरूरी है। यह ब्रेस्ट कैंसर के प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं, और समय पर पहचान व इलाज से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।