
राम मंदिर अयोध्या और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का क्रेज रामभक्तों और देशभर के लोगों पर छाया हुआ है। रामभक्त और कलाकार अपने-अपने तरीके से भगवार श्रीराम, राम मंदिर और रामलला के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। ऐसी ही अटूट आस्था उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रहने वाले प्रोफेसर अजय कुमार मित्तल राम मंदिर और रामलला में रखते हैं, जिसे उन्होंने अपनी कलाकारी में भी दिखाया। प्रोफेसर अजय ने एक ऐसी चित्रकारी की है, जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। इस कलाकार के लिए प्रोफेसर के नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ है।
दरअसल, श्री शांति स्वरूप कृषि इंटर कॉलेज हापुड़ में कार्यरत प्रोफेसर अजय कुमार मित्तल ने एक इतिहास रचा है। उन्होंने कांच की प्लेट पर श्री रामचरितमानस को उकेर दिया। उन्होंने ऑक्साइड से कांच की प्लेट की एक साइड पर लेप किया और उस पर महाकाव्य की 300 पंक्तियां उकेर कर गजब का हुनर दिखाया। यह देश की सबसे छोटी श्री रामचरितमानस बताई जा रही है। वहीं इस कलाकारी के लिए प्रोफेसर अजय का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है, जिसका सर्टिफिकेट भी उन्हें मिल गया है। प्रोफेसर अजय का सपना इस रामचरितमानस का राम मंदिर अयोध्या में अर्पित करने का है।
दूसरी और, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रहने वाले बीकॉम के छात्र ने रद्दी से राम मंदिर अयोध्या का खूबसूरत मॉडल बनाया है, जिसके लिए उसने 8 हजार स्टिक्स और उन्हें जोड़ने के लिए फेविकोल का इस्तेमाल किया। गांधी कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय तुषार ने बताया कि उन्हें इस मॉडल को बनाने में 4 महीने लगे। कोरोना काल में कॉलेज बंद होने पर खाली समय पास करने के लिए उन्होंने मॉडल बनाना सीखा था। कैंप में उसे अखबारों की रद्दी से भी मॉडल बनाना सिखाया गया। उसी टेक्निक का इस्तेमाल करके उसने राम मंदिर का मॉडल बनाया है। वह बाइक, स्कूटर और ई-रिक्शा का मॉडल भी बना चुका है।