
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में हाल की गिरावट ने न केवल छोटे और मिड कैप निवेशकों को प्रभावित किया है, बल्कि बड़े दिग्गज निवेशकों को भी नुकसान झेलना पड़ा है। विशेष रूप से मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में भारी बिकवाली का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इन कंपनियों के शेयरों में अत्यधिक गिरावट ने निवेशकों के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल बना दिया है। बाजार में बिकवाली के इस माहौल ने दिग्गज निवेशकों के पोर्टफोलियो को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। जानमाने निवेशक विजय केडिया, जो मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में अपनी रणनीतियों के लिए प्रसिद्ध हैं, उनकी कुल नेट वर्थ में भी इस गिरावट का असर देखा गया है।
विजय केडिया, जो मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश के लिए प्रसिद्ध हैं, उनकी संपत्ति में आई गिरावट इस बात का प्रतीक है कि बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर केवल छोटे निवेशकों तक ही सीमित नहीं है। उनकी कुल नेट वर्थ 1,770 करोड़ रुपये से घटकर 1,408 करोड़ रुपये हो गई है, जो एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। यह गिरावट मिड और स्मॉल कैप शेयरों के साथ-साथ बाजार के संपूर्ण माहौल की भी कठिनाई को दिखाती है।
हालांकि, ऐसे समय में बाजार में गिरावट को सामान्य रूप से एक अवसर के रूप में भी देखा जा सकता है, क्योंकि यह अनुभवी निवेशकों के लिए खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन इस तरह के उतार-चढ़ाव में जोखिम भी अधिक होता है। आने वाले समय में बाजार की दिशा को लेकर सतर्कता और सही रणनीतियां अपनाना जरूरी होगा।