
लखनऊ। हजरतगंज इलाके में विडियो बनाकर एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने अलीगंज इलाके में रहने वाले रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। युवक की पत्नी ने आरोपी रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
हजरतगंज लक्ष्मण मेला मार्ग तिलक नगर निवासी महेश निषाद (35) विकलांग पिता बरसाती, भाई राजू, पत्नी कविता, बेटी शुभी (17), बेटे आर्यन (13) के साथ रहता था। पत्नी कविता ने बताया कि महेश अलीगंज में रहने वाले रिटायर्ड रिटायर्ड जज अनिल श्रीवास्तव (78) के घर में चार साल से खाना बनाने का काम करता था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पत्नी कविता पड़ोस में गई थी, बच्चे बाहर खेल रहे थे, अन्य परिवारजन भी घर पर नहीं थे।
इसी दौरान महेश ने कुत्ते के गले में बांधने वाले पट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद कविता घर पहुंची तो महेश को फंदा लटकता देख उनकी चीख निकल गई। स्थानीय लोगों की मदद से फंदे से उतारकर महेश को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने महेश को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
महेश की पत्नी कविता ने बताया कि अलीगंज में रहने वाले रिटायर्ड जज के घर से होली से पहले साढ़े छह लाख रुपये चोरी हो गए थे। रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी वंदना महेश पर चोरी का आरोप लगा रहे थे। होली के दिन रिटायर्ड जज की पत्नी ने कॉल कर महेश को घर बुलाया था। शराब के नशे में होने की वजह से महेश उनके घर नहीं गया।
इस पर 17 मार्च को रिटायर्ड जज महेश को लेने उसके घर पहुंच गए। वह महेश और उसकी पत्नी कविता को अपने साथ ले गए। रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी ने महेश को रोक लिया, जबकि कविता को घर भेज दिया। देर रात महेश न लौटने पर बहन शांति और परिवारीजन रिटायर्ड जज के घर पहुंच गए।
शांति के मुताबिक अनिल ने बताया कि महेश उनके घर में नहीं है। इस पर परिवारजन लौट आए। अगले दिन सुबह पीड़ित परिवारजन अलीगंज थाने पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने भी महेश की जानकारी न होने पर उन्हें लौटा दिया। इस पर परिवारजन रिटायर्ड जज के घर पहुंचे।
शांति के मुताबिक रिटायर्ड रिटायर्ड जज के घर के बगल में बनी कोठरी में महेश था, उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। आरोप है कि महेश की पिटाई की गई थी। इसके बाद से रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी कॉल कर महेश को प्रताड़ित करने लगे। शांति का आरोप है कि इस दौरान रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी ने महेश से जेवर और करीब डेढ़ लाख रुपये ले लिए। मंगलवार की शाम रिटायर्ड जज की पत्नी ने महेश को कॉल कर डेढ़ लाख रुपये और मांगे थे। जिससे वह परेशान था।
थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि महेश की पत्नी कविता की तहरीर पर आरोपित रिटायर्ड जज और उनकी पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में छानबीन की जा रही है। पत्नी कविता ने बताया कि महेश रिटायर्ड रिटायर्ड जज की पत्नी वंदना को मम्मी कहता था। आत्महत्या करने से पूर्व महेश ने मोबाइल के जरिए विडियो बनाया था, जिसमें उसने कहा कि मम्मी आज के बाद आपसे नहीं मिलेंगे, आज सूइसाइड करने जा रहे हैं। इसके अलावा महेश ने वंदना के मोबाइल पर सूइसाइड नोट (मेसेज) भेजा था, जिसमें उसने लिखा कि मम्मी जी आपको लगता है कि मैंने रुपये चोरी किए हैं, यह हरकत राहुल की है। यह बात अमित भी जानता है। राहुल ने हम दोनों को दो हजार रुपये दिए थे। उसने कितने रुपये चोरी किए थे, इसकी जानकारी नहीं थी मुझे।
बहन शांति ने बताया कि गोसाईंगंज के अर्जुनगंज में उनका पुश्तैनी मकान है। आरोप है कि रिटायर्ड जज ने रुपये वसूली के लिए मकान की रजिस्ट्री ले ली है। पीड़िता के मुताबिक रिटायर्ड जज पुश्तैनी मकान बेचने का दबाव बना रहे थे। बिक्री के रुपये से चोरी के पैसों की भरपाई करने के लिए कह रहे थे। रुपये को लेकर रिटायर्ड जज पूरे परिवार को प्रताड़ित कर रहे थे।
पीड़िता ने बताया कि रिटायर्ड जज ने महेश को सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया था। नौकरी की लालच में महेश उनके घर में काम करता रहा। उन्होंने बताया कि पिता विकलांग हैं, बड़ा भाई बीमारी से ग्रस्त है। महेश अकेला घर में कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्चा उठाना मुश्किल हो जाएगा।
पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया। परिवारीजन शव लेकर घर पहुंचे। महेश का शव देखकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और लक्ष्मण मेला रोड पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर प्रदर्शन खत्म करवाया।