
नई दिल्ली। देश के 284 अरबपतियों की संपत्ति 2024 में 10 फीसदी बढ़कर 98 लाख करोड़ रुपये या घरेलू जीडीपी का एक-तिहाई हो गई है। खास बात है कि भारत ने हर अरबपति की औसत संपत्ति के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। चीन के 29,027 करोड़ की तुलना में भारत में हर अरबपति की औसत संपत्ति 34,514 करोड़ है।
हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के मुताबिक, अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति दुनिया में सबसे ज्यादा एक लाख करोड़ बढ़ी है। इसके साथ ही, उनकी दौलत 8.4 लाख करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी की संपत्ति 13 फीसदी घटकर 8.6 लाख करोड़ रह गई। हालांकि, उन्होंने फिर सबसे अमीर एशियाई का खिताब हासिल कर लिया है। भारतीय अरबपतियों की औसत आयु 68 वर्ष है, जो वैश्विक अमीरों की औसत आयु से दो वर्ष अधिक है।
रोशनी नाडर 3.5 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ देश की पहली और दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला बनी हैं। उनके पिता शिव नाडर ने उन्हें एचसीएल में 47 फीसदी हिस्सेदारी दी है। रेजरपे के शशांक कुमार और हर्षिल माथुर 8,643 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे युवा भारतीय अरबपति हैं।
देश का हेल्थकेयर क्षेत्र 53 अरबपतियों के साथ सबसे आगे है। कैपिटल गुड्स में 35 व औद्योगिक उत्पादों में 32 अरबपति हैं। देश में बीते वर्ष 45 नए अरबपति बने हैं। इसके साथ ही, इनकी कुल संख्या बढ़कर 284 पहुंच गई। इस अवधि के दौरान 175 भारतीय अरबपतियों की दौलत में इजाफा हुआ है, जबकि 109 की संपत्ति में गिरावट आई है या स्थिर रही है।
अरबपतियों की संख्या में बीते साल हुई बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमीरों के लिए तीसरे सबसे बड़े केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हुई है। शहरों के लिहाज से मुंबई में सबसे ज्यादा 90 अरबपति हैं। बीते वर्ष इनकी संख्या 11 बढ़ी है। फिर भी 92 अरबपतियों के साथ शंघाई ने मुंबई से एशियाई बिलेनियर कैपिटल का खिताब छीन लिया है।