
नागपुर। यह एक गंभीर घटना है और इस तरह की हिंसा से बचना बेहद जरूरी है। नागपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के बाद हुआ यह प्रदर्शन, औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर उग्र हो गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई। 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 5-6 आम नागरिक घायल हुए।
सुबह 7 से 9 बजे तक नागपुर के महल परिसर में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने शिवप्रेमियों ने शिवजयंती का कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, दोपहर 12 बजे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 40 से 50 कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब के पुतले पर चादर ढंककर उसे आग के हवाले कर दिया।
पुतले पर चादर जलाने की घटना के बाद दूसरे समुदाय के बीच यह अफवाह फैल गई कि यह चादर धार्मिक महत्व की थी। शाम 5 बजे के बाद इलाके में समुदाय विशेष के युवक जमा होने लगे। शाम 7 बजे तक सड़कों पर नारेबाजी शुरू हो गई और देखते ही देखते हजारों की संख्या में युवक सड़क पर उतर आए। इसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू हो गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया। सायबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की जांच शुरू की और 100 से अधिक संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है। कुछ वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।