
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर निकाली गई शोभायात्रा में समुदाय विशेष के लोगों ने जमकर पत्थरबाजी की। इनमें 20 लोग घायल हो गए। घटना जिले के शक्तिपुर क्षेत्र में हुई। पत्थरबाजी के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस प्रकार लोग अपनी छतों से जुलूस पर पथराव कर रहे हैं।
तनाव बढ़ता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घायलों को बहरामपुर के मुर्शिदाबाद मेडिकल काॅलेज और हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहीं भाजपा ने कहा कि शोभायात्रा में पत्थरबाजी की गई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
सूत्रों की मानें तो उपद्रवियों ने एक घर की छत से शोभायात्रा पर पत्थर बरसाएं, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। हिंसा को लेकर भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने जुलूस को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैसे के गोले दागे। अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कहा कि ममता की पुलिस इस हिंसा में उपद्रवियों के साथ शामिल हो गई और रामभक्तों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, ताकि जुलूस अचानक समाप्त हो जाए।
उन्होंने आगे लिखा कि यह ममता बनर्जी के उकसावे का परिणाम है। पश्चिम बंगाल में धार्मिक त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए इस सरकार को बदला जाना चाहिए। मैं चुनाव आयोग से आग्रह करना चाहूंगा कि कृपया पुलिस की विफलता पर ध्यान दें। बता दें कि इससे पहले पिछले साल भी रामनवमी की शोभा यात्रा के दौरान हुगली जिले के रिशरा और हावड़ा केे शिबपुर में हिंसा भड़क उठी थी। जिसमें कई लोग घायल हो गए थे।
हालांकि रामनवमी से पहले चुनाव आयोग ने ड्यूटी में कमी को मानते हुए मुर्शिदाबाद के डीआईजी को हटा दिया। डीआईजी पर कार्रवाई के बाद ममता ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा था। सीएम ने एक रैली में कहा कि भाजपा के निर्देश पर डीआईजी को हटा दिया गया। जो कि किसी भी तरह से ठीक नहीं है। अगर अब रामनवमी की शोभायात्रा में दंगे होते हैं तो इसके लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार होगा।