खराब पोसचर में बैठने से होता है कमर दर्द

महिलाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपनी शारीरिक स्थिति, व्यायाम और जीवनशैली पर ध्यान दें, ताकि कमर दर्द से बचा जा सके। महिलाओं को अक्सर कमर दर्द की समस्या परेशान करती है। वृद्धावस्था ही नहीं कम उम्र में भी महिलाएं कमर दर्द से परेशान रह रही हैं। जिसके लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं। महिलाएं मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसी स्थितियों से गुजरती हैं, जो उनके हॉर्मोनल संतुलन को प्रभावित करती हैं। हॉर्मोनल परिवर्तन विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान कमर दर्द का कारण बन सकते हैं, क्योंकि शरीर में बढ़ते वजन और पीठ पर दबाव के कारण दर्द होता है।

गलत शारीरिक मुद्रा, जैसे कि लंबे समय तक झुके हुए बैठना या खड़ा रहना, कमर दर्द का प्रमुख कारण बन सकता है। कार्यस्थल पर घंटों बैठने, मोबाइल का अधिक उपयोग और लैपटॉप के सामने बैठने से भी शरीर की मुद्रा प्रभावित होती है, जिससे पीठ और कमर में दर्द हो सकता है।

शारीरिक व्यायाम की कमी और गतिहीन जीवनशैली भी कमर दर्द के कारण बन सकती है। मांसपेशियों की कमजोरी और गतिहीनता के कारण रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो दर्द पैदा कर सकता है।मानसिक तनाव और चिंता भी शारीरिक समस्याओं, विशेष रूप से कमर दर्द का कारण बन सकते हैं। जब हम तनावग्रस्त होते हैं, तो शरीर में तनाव बढ़ता है और मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है, जिससे पीठ और कमर में दर्द होता है।

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