
नई दिल्ली। WPL फाइनल के दो दिन बाद, शेफाली वर्मा, निक्की प्रसाद, कनिका आहुजा, नंदिनी कश्यप और मन्नत कश्यप जैसी खिलाड़ी महिला U23 वन-डे ट्रॉफी के प्री-क्वार्टर फाइनल में खेलती दिखीं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए फाइनल खेलने के बाद शेफाली और प्रसाद सीधे अपनी राज्य टीमों के लिए मैदान में उतरीं। कर्नाटक के खिलाफ हरियाणा का नेतृत्व करते हुए शेफाली भले ही बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाईं, लेकिन उन्होंने गेंद से महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने हैट्रिक ली और अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई।
कर्नाटक की टीम 188/4 के स्कोर पर थी और छह ओवर बचे थे। उन्हें लग रहा था कि वे 240 तक पहुंच जाएंगे। लेकिन शेफाली ने 44वें ओवर की आखिरी दो गेंद और फिर 46वें ओवर की पहली गेंद पर सलोनी पी, सौम्या वर्मा और नमिता डी’सूजा को आउट कर दिया। इससे कर्नाटक की टीम दबाव में आ गई और उसकी पारी 217 रनों पर ही सिमट गई। शेफाली ने 4 ओवर में 20 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया।
शेफाली वर्मा भले ही बल्ले से WPL की तरह कमाल नहीं कर पाईं, लेकिन सोनिया मेहंदिया और तनीषा ओहलान ने शानदार प्रदर्शन किया। सोनिया ने 66 रन बनाए और तनीषा ने 77 रन की नाबाद पारी खेली। इससे हरियाणा ने आसानी से मैच जीत लिया। इंटरनेशनल क्रिकेट में भी शेफली पार्ट टाइम बॉलिंग करती हैं। टी20 इंटरनेशनल मैच में उनके नाम 10 विकेट हैं। वनडे और टेस्ट में भी 1-1 बल्लेबाज को आउट किया है।
महिला प्रीमियर लीग में शेफाली का बल्ला खूब बोला। वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी रहीं। 9 मैचों में 38 की औसत और 152 की स्ट्राइक रेट से उन्होंने 304 रन ठोके। इस दौरान उनके बल्ले से 34 चौके और 16 छक्के भी निकले। फाइनल में उनका बल्ला शांत रहा और दिल्ली कैपिटल्स को हार झेलनी पड़ी। वह WPL इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी हैं।