
नई दिल्ली। पुलवामा हमला भारत के इतिहास में एक काला दिन है। इस हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद, सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए। इस हमले में शहीद हुए जवानों को देश हमेशा याद रखेगा। उनका बलिदान देश की सुरक्षा के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखना कितना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 CRPF जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह हमला 14 फरवरी 2019 को हुआ था। एक आत्मघाती हमलावर ने CRPF के काफिले में IED से लदे वाहन से टक्कर मार दी थी। इस घटना के बाद, भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2019 में पुलवामा में हमने जिन बहादुर वीरों को खोया, उन्हें श्रद्धांजलि। आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को कभी नहीं भूलेंगी। उन्होंने शहीद जवानों के साहस और देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस हमले को कायराना आतंकी कृत्य बताकर कहा कि साल 2019 में आज के ही दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आतंकवाद समूची मानव जाति का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया संगठित हो चुकी है। चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयरस्ट्राइक, मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ अभियान चलाकर उन्हें पूरी तरह से खत्म करने के लिए दृढ़ है।’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पुलवामा के कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए सभी अमर वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटिश: नमन! मां भारती के वीर सपूतों का बलिदान हमें आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। जय हिंद! उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है।