
शुक्र मीन राशि में अस्त होकर अपना प्रभाव खो रहे हैं। प्रेम और सांसारिक सुख के कारक शुक्र ग्रह 18 मार्च यानी आज सुबह 7.34 बजे मीन राशि में अस्त हुए हैं। चूंकि सूर्य के नजदीक आकर शुक्र की शक्तियां कम हुई हैं इसलिए सभी राशियों को थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अब 28 मार्च को शुक्र का मीन राशि में उदय होगा।
शुक्र मेष के दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं और 12वें भाव में अस्त हुए हैं। ऐसे में मेष को आर्थिक मामलों में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। संयम बरतें। तभी परिवार में सुख-शांति रहेगी। शुक्र ग्रह वृषभ राशि के पहले और छठे भाव के स्वामी हैं और 11वें भाव में अस्त हुए हैं। जब तक शुक्र अस्त हैं, तब तक आपको करियर में थोड़ी परेशानी हो सकती है। बिजनेस में लापरवाही से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। जीवनसाथी के साथ कहासुनी हो सकती है।
मिथुन राशि की कुंडली में शुक्र पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और 10वें भाव में अस्त हुए हैं। कार्यक्षेत्र में अनाचाहा स्थानांतरण हो सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी के आसार नजर आ रहे हैं। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में खटास आ सकती है। कर्क की कुंडली में शुक्र चौथे और 11वें भाव के स्वामी हैं और नौवें भाव में अस्त हुए हैं। इससे आपको किस्मत का साथ कम मिल पाएगा। कार्यक्षेत्र में काम का बोझ बढ़ेगा। बिजनेस में चुनौतियां आ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ मनमुटाव हो सकता है।
शुक्र सिंह के तीसरें और 10वें भाव के स्वामी हैं और आठवें भाव में अस्त हुए हैं। यह समय आपके लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। व्यापार में मनमुताबिक लाभ नहीं मिल पाएगा। सेहत से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। जीवनसाथी के साथ संयम से पेश आएं। कन्या राशि वालों की कुंडली में शुक्र दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं और सातवें भाव में अस्त हुए हैं। इससे आपका आर्थिक रूप से संघर्ष करना पड़ सकता है। आपमें आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। जीवनसाथी के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव रह सकता है।
शुक्र तुला राशि के पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं और छठे भाव में अस्त हुए हैं। ऐसे में आपके खर्च बढ़ सकते हैं। आपको उधार लेना पड़ सकता है। करियर में कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता मिल पाएगी। पार्टनर के साथ आपसी समझ की कमी हो सकती है। वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र सातवें और 12वें भाव के स्वामी हैं और पांचवें भाव में अस्त हुए हैं। ऐसे में आपमें असुरक्षा की भावना आ सकती है। तनाव लेने से बचें। पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों को समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ धैर्यपूर्वक रहें।
शुक्र धनु के छठे और 11वें भाव के स्वामी हैं और चौथे भाव में अस्त हो रहे हैं। ऐसे में आपको सुख-सुविधाओं से समझौता करना पड़ सकता है। करियर में आपके जिम्मे चुनौतीपूर्ण काम आ सकता है। हालांकि सफलता मिलने पर आपकी सराहना होगी। माता की सेहत का ध्यान रखें। शुक्र मकर राशि के पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और तीसरे भाव में अस्त हुए हैं। इस अवधि में आप लंबी यात्रा करने से बचें, क्योंकि आपको बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में मनचाहा लाभ पाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। जीवनसाथी के साथ विवाद से बचें।
शुक्र कुंभ राशि के चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं और दूसरे भाव में अस्त हुए हैं। इससे आपको कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के कारण परेशानी हो सकती है। बिजनेस में कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल सकती है। आर्थिक रूप से उतार-चढ़ाव देखना पड़ सकता है। इसलिए सोच-समझकर फैसले लें। शुक्र मीन राशि के तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं और पहले भाव में अस्त हुए हैं। ऐसे में आप पर काम का बोझ बढ़ सकता है। समय का प्रबंधन करके चलना होगा। कार्यों में आलस्य बिल्कुल न करें। जीवनसाथी के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। सेहत का ख्याल रखें।