
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने कई अहम फैसले किए, जिसमें ज्यादातर किसानों के हित में किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने जनता और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कई बड़े फैसले किए। इसमें भुगतान के रूप में तेजी से विकसित हो रहे यूपीआई पर लगने वाले शुल्क को लेकर भी फैसला किया गया। कैबिनेट ने कहा कि अब 2000 रुपये तक के यूपीआई भुगतान पर लगने वाले शुल्क को खत्म कर दिया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से यह पक्का हो गया है कि देश में यूपीआई का भुगतान अब पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद इसमें हुए अहम फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि UPI का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर आगे भी कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस राशि से 2,000 रुपये तक के भुगतान पर लगने वाले एमडीआर की राशि को कवर किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों की उर्वरक को लेकर सबसे बड़ी समस्या को खत्म करने के लिए भी बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने कहा है कि उर्वरक की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार असम में अमोनिया और यूरिया कॉम्पलेक्स का निर्माण करेगी। इससे यूरिया के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलेगी। देश में किसानों को खेती के समय यूरिया की सबसे ज्यादा किल्लत होती है। असम में नया उत्पादन हब बनने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकेगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने देश में दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की है। इसके लिए 3,400 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।यह योजना इस बात पर काम करेगी कि देश में दूध के प्रोडक्शन कैसे बढ़ाया जाए। किस तरह किसानों को उनके गांव के पास ही इससे जुड़ी सारी सुविधाएं मिल सकेंगी, ताकि ज्यादा संख्या में किसान डेयरी उद्योग की तरफ बढ़ सकें। 2023-24 में देश का कुल दूध उत्पादन 2.39 करोड़ लीटर का रहा है, जिसे 2025 में और बढ़ाने की तैयारी है।
केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला किया है कि सरकार डेयरी डेवलपमेंट के लिए 2,790 करोड़ रुपये का आवंटन करेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस तरफ जोड़ा जा सके। देश में पिछले 10 सालों में डेयरी उत्पादन को लेकर काफी बढ़ोतरी हुई है और इसका सीधा लाभ किसानों को मिला है। इसके अलावा कैबिनेट ने महाराष्ट्र में पगोटा से लेकर मुंबई-पुणे चौक तक 6 लेन के हावइे निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसके लिए कैबिनेट ने 4,500 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दी है।