
मार्च का महीना लक्ष्मी नारायण राजयोग के प्रभाव से करियर और आर्थिक मामलों में लाभ और तरक्की से भरा होगा। इस महीने बुध और शुक्र की युति होगी। इसके साथ ही मार्च में पूरे एक साल बाद सूर्य और शनि की भी युति बनेगी।
लक्ष्मी नारायण राजयोग एक अत्यधिक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली योग है जो हिन्दू धर्म के अनुसार लक्ष्मी (धन, समृद्धि और सुख) और नारायण (भगवान विष्णु, जो संरक्षण और पालन करने वाले देवता हैं) के योग का परिणाम होता है। यह राजयोग विशेष रूप से आर्थिक और आध्यात्मिक समृद्धि को बढ़ाने में मदद करता है।
लक्ष्मी देवी धन और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं, जबकि भगवान नारायण के साथ उनका योग व्यक्ति को धन, सुख, और समृद्धि की प्राप्ति कराता है। भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी का योग व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में भी मार्गदर्शन करता है। यह व्यक्ति के जीवन में संतुलन और शांति लाता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को राजकीय सम्मान और सफलता मिल सकती है। यह उच्च स्थान और प्रगति के लिए आदर्श माना जाता है।
लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण तब होता है जब एक व्यक्ति अपने जन्म कुंडली में विशेष ग्रहों की स्थिति के कारण धन और सुख-संपत्ति की प्राप्ति कर सकता है। यह योग आमतौर पर उन व्यक्तियों के लिए होता है जिनकी कुंडली में विशेष ग्रहों जैसे शुक्र (लक्ष्मी का ग्रह) और भगवान विष्णु के प्रतीक ग्रहों का अच्छा संबंध होता है।